नई दिल्ली: भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने के विजन के साथ ‘सेमीकॉन इंडिया’ के 5वें संस्करण की भव्य शुरुआत हो चुकी है। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में बनी सेमीकंडक्टर चिप्स अब सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा नहीं कर रही हैं, बल्कि वैश्विक बाजारों तक भी अपनी पहुंच बना रही हैं।
सेमीकॉन इंडिया की मुख्य बातें
ग्लोबल पार्टनरशिप: इस 3 दिवसीय मेगा इवेंट में दुनिया भर की 600 से अधिक चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां, 52 देशों के प्रतिनिधि और 150 से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
‘सिलिकॉन से सिस्टम तक’: इस साल सम्मेलन का फोकस सिलिकॉन वेफर बनाने से लेकर फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग और फाइनल प्रोसेसर तैयार करने की पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करने पर है।
टेक्नोलॉजी और टैलेंट: पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि भारत का मजबूत AI इकोसिस्टम और लाखों कुशल युवा इंजीनियर मिलकर दुनिया के टेक परिदृश्य को बदल रहे हैं।
क्यों अहम है यह आयोजन?
सेमीकंडक्टर चिप्स स्मार्टफोन, मेडिकल उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर रक्षा प्रणालियों और सुपरकंप्यूटर तक की रीढ़ हैं। भारत सेमीकंडक्टर मिशन के जरिए देश में ही चिप मैन्युफैक्चरिंग (Fab Plants) और डिजाइनिंग को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत विदेशी निर्भरता कम कर ग्लोबल चिप सप्लाई का मुख्य केंद्र बन सके।
