नई दिल्ली: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) के दूसरे दिन रविवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम पहुँचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं और वैश्विक प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सम्मेलन में पहुँचे प्रमुख वैश्विक नेता:
संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम
घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा
बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्टे नदायिशिमिये
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस
सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद
दूसरे दिन का मुख्य विषय (Theme):
सम्मेलन के दूसरे दिन ब्रिक्स और आउटरीच देशों के नेताओं ने एक ओपन सेशन में भाग लिया। इस सत्र का मुख्य फोकस — “रेसिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी: इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ के लिए भविष्य को आकार देना” विषय पर रहा, जिसमें वैश्विक विकास, आपसी सहयोग और स्थिरता पर विचार-विमर्श किया गया।
‘नई दिल्ली घोषणा-पत्र’ और कूटनीतिक सफलता:
सम्मेलन के पहले ही दिन सर्वसम्मति से “नई दिल्ली घोषणा-पत्र” (New Delhi Declaration) को अपनाया गया, जिसे भारत की बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।
घोषणा-पत्र में भारत की अध्यक्षता की सराहना की गई तथा तीन मुख्य स्तंभों — राजनीतिक व सुरक्षा, आर्थिक व वित्तीय, और सांस्कृतिक व जन-सहयोग — के तहत ब्रिक्स साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया गया।
विशेष वीगन (Vegan) गाला डिनर:
शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विदेशी मेहमानों के सम्मान में एक भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया गया था। इसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी और WHO के महानिदेशक घेब्रेयेसस सहित कई दिग्गज शामिल हुए। इस डिनर की मुख्य विशेषता पूर्णतः पौधों पर आधारित विशेष वीगन मेन्यू था, जो पर्यावरण संरक्षण और भारतीय खानपान की विविधता को दर्शाता है।
