अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण होने पर शीघ्र लोकार्पण कराकर जनसेवा के लिए संचालित करें : श्री दयाशंकर मिश्रा

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ, 21 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने आज सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयुष विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों, योजनाओं एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित अस्पतालों की स्थिति, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके भवनों, औषधियों की उपलब्धता तथा अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।आयुष मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराकर उनका लोकार्पण कराया जाए तथा उन्हें जल्द से जल्द जनसेवा के लिए संचालित किया जाए, ताकि आमजन को आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अस्पतालों को अनावश्यक रूप से बंद रखना उचित नहीं है। संबंधित अधिकारी समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर ऐसे अस्पतालों को शीघ्र क्रियाशील कराएं।उन्होंने सभी अस्पतालों के प्रधानाचार्यों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल भवनों की साफ-सफाई, रखरखाव एवं बेहतर व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

अस्पताल परिसर में स्वच्छ, स्वस्थ एवं मरीजों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जहां अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां उपलब्ध स्थान के अनुसार पौधरोपण कराया जाए तथा परिसर को अधिक से अधिक हरा-भरा एवं सुंदर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को बेहतर चिकित्सा के साथ स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण भी मिलना चाहिए।श्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने अस्पतालों में औषधियों की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। दवाओं की मांग, आपूर्ति एवं वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि औषधियों की आपूर्ति में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब करने वाली कंपनियों की सूची तैयार की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। समय पर आपूर्ति न करने वाली कंपनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।आयुष मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए विभागीय व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार आवश्यक है। अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाओं एवं परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्माण, संचालन, औषधि आपूर्ति एवं अन्य कार्यों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।बैठक में प्रमुख सचिव श्री रंजन कुमार, श्री मदन सिंह गर्ब्याल, आयुर्वेद निदेशक श्री नारायण दास, होम्योपैथी निदेशक श्री प्रमोद कुमार सिंह, यूनानी निदेशक श्री जमाल अख्तर सहित आयुष विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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