मल्लिकार्जुन खड़गे के सभास्थल का शुद्धिकरण करने के विरोध में कांग्रेस निकालेगी मार्च

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नई दिल्ली । उत्तराखंड में जिस ग्राउंड पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभा की थी, उसका शुद्धिकरण किए जाने के विरोध में कांग्रेस हर जिले में मार्च और सत्याग्रह का आयोजन करेगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसको लेकर कार्यकर्ताओं के नाम एक पत्र लिखा है। केसी वेणुगोपाल की ओर से पत्र में लिखा गया है, “हाल ही में हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों ने हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली वाली जगह पर गंगाजल से तथाकथित “शुद्धिकरण” की रस्म निभाई। हैरानी की बात है कि यह हरकत इस आधार पर की गई कि मंच पर माननीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी से वह जगह “अपवित्र” हो गई थी और इसलिए उसका “शुद्धिकरण” जरूरी था। यह बेहद घिनौनी हरकत भाजपा द्वारा फैलाई गई भेदभावपूर्ण सोच को साफ तौर पर दिखाती है और उनके नेतृत्व द्वारा लगातार अपनाए जा रहे पिछड़े और बांटने वाले रास्ते को उजागर करती है।” वेणुगोपाल ने आगे कहा, “यह शर्मनाक और पिछड़ी हरकत न केवल कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की गरिमा और समानता, भाईचारे, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा जैसे संवैधानिक मूल्यों का भी अपमान है। भारत के संविधान से चलने वाले लोकतांत्रिक समाज में ऐसी भेदभावपूर्ण प्रथाओं और सोच के लिए कोई जगह नहीं है। इस बेहद निंदनीय घटना के विरोध में, आपसे (कार्यकर्ताओं) अनुरोध है कि आप अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली हर जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) को शुक्रवार शाम, 14 अगस्त 2026 को एक बड़े मार्च और सत्याग्रह का आयोजन करने का निर्देश दें। संबंधित डीसीसी के नेतृत्व में मार्च निकाला जाएगा और महात्मा गांधी या डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा के पास समाप्त होगा, जहां ऐसे भेदभाव के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने और माननीय कांग्रेस अध्यक्ष के साथ अपना अटूट समर्थन व्यक्त करने के लिए सत्याग्रह किया जाएगा।”
वेणुगोपाल ने मार्च और सत्याग्रह में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, फ्रंटल संगठनों, विभागों, सेलों, चुने हुए प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं और सभी स्तरों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर जिले में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटाना जरूरी है ताकि यह मजबूत और स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि कांग्रेस पार्टी और भारत के लोग भेदभाव, छुआछूत या हमारे संविधान द्वारा गारंटीकृत गरिमा और समानता को कमज़ोर करने की किसी भी कोशिश को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”

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