लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक स्थल पर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत “एक शाम वीर शहीदों के नाम” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट एवं उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
अमर शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए 80 मोमबत्तियां प्रज्वलित की गईं और शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। जैसे ही शहीद स्मारक पर मोमबत्तियों की लौ जगमगाई, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से आलोकित हो उठा। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से शहीद स्मारक को गुंजायमान कर दिया।

कार्यक्रम में सर्वसमाज के प्रतिनिधियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर पीएसी बैंड द्वारा देशभक्ति के तरानों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित लोगों के भीतर राष्ट्रप्रेम और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना को और प्रबल कर दिया।
जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने देश की रक्षा और आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों तथा अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता असंख्य बलिदानों की अमूल्य विरासत है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि देश की आजादी हमें आसानी से नहीं मिली है। इसके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानियों को याद करना और उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद महंत दिव्यागिरी ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपना जीवन कुर्बान करने वाले क्रांतिकारियों और शहीदों के बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते। उनके त्याग, तपस्या और संघर्ष की वजह से ही आज हम आजाद भारत में सांस ले रहे हैं। शहीदों के बलिदान को पीढ़ियों तक याद रखना ही उनके प्रति सच्चा सम्मान है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा ने कहा कि 15 अगस्त और 26 जनवरी देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व हैं। इन पर्वों को हमें जाति, धर्म और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर पूरे हर्षोल्लास, प्रेम और एकजुटता के साथ मनाना चाहिए। देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करना ही अमर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का जुबैर अहमद एवं अब्दुल वहीद ने तिरंगा पट्टी पहनाकर स्वागत किया।

इस अवसर पर जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा, महामंत्री निगहत खान, रजिया नवाज, संस्थापक सदस्य वेद व्रत बाजपेई, इंसराम अली, वामिक खान, अब्दुल वहीद, प्रदीप सिंह बब्बू, जुबैर अहमद, मुर्तजा अली, सरदार निर्मल सिंह, जसबीर गांधी, आरिफ कुरैशी,अनिल त्रिपाठी,बीनू शुक्ला,इमरान कुरैशी, कुदरत उल्ला खान, शादाब कुरैशी,महेश दीक्षित, अभय अग्रवाल, शाहिद सिद्दीकी,शालिनी,सिराज खान, मुजाहिद खान, टोनी सिंह, तनवीर ख़ान, मौलाना मुश्ताक नदवी, मौलाना सुफियान निजामी,तौसीफ हुसैन, डॉ. आदर्श त्रिपाठी, परवेज अख्तर, मोहम्मद सैफ,स्नेहिल पांडेय,जमील मालिक,आमिर मुख्तार,आफाक मंसूरी, योग गुरु के.डी. मिश्रा,मो अली साहिल,अनीस अंसारी,सलाउद्दीन सीबू, कवि मुक्तेश्वरानंद, अवधेश सोनकर, अमरजीत, आरिफ मुकीम, सैय्यद गुलाम, कमर अली,मुस्ताक बेग ,फरहा रिजवी, पेड़ वाले बाबा,कैफ,हलीमा सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट के कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। राष्ट्रगान के दौरान पूरा शहीद स्मारक सम्मान और देशभक्ति की भावना से भर उठा। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, भाईचारे और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
