वाशिंगटन । पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने को लेकर दुनिया के तमाम देश फिक्रमंद है। इस बीच अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ बातचीत को आसान नहीं माना है। उनके अनुसार, उनके साथ संवाद लंबा और मुश्किल भरा है। वेंस ने इसकी वजह आपसी मतभेद को माना। बुधवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा, “ईरान के कुछ गुट संघर्ष खत्म करना चाहते हैं, जबकि कुछ कट्टरपंथी गुट इसे जारी रखना चाहते हैं। ऐसे में अमेरिका के लिए सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर संतुलित रणनीति अपनाना जरूरी है।” वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया, “ईरानी बहुत मुश्किल लोग हैं। दूसरी बात, उनका सिस्टम टूटा हुआ है। हमारा काम इससे निपटना है और अमेरिका और राष्ट्रपति के लिए सबसे अच्छा नतीजा निकालना है।”
वेंस ने कहा कि ईरान के साथ कोई भी आखिरी समझौता जल्दी नहीं होगा, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिका अपने मकसद हासिल कर लेगा।
उन्होंने कहा, ” रास्ता आसान नहीं है। ये मुश्किल भरा रहेगा लेकिन विश्वास है कि यहां हम अंत में जरूर पहुंचेंगे। तेल की कीमत गिरेगी और नीचे ही रहेगी। अमेरिका का हमेशा से ये मानना रहा है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा, और हम एक मजबूत स्थिति में होंगे।”
वहीं, गुरुवार को ईरानी सेना ने कहा कि वह किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अमीर अकरामिनिया ने दावा किया कि सेना अपनी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। इसके लिए क्षतिग्रस्त सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है और घरेलू तकनीक से नए सैन्य उपकरण शामिल किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ” नई सैन्य सामग्री मिलने के साथ ही सेना अपने हथियारों और उपकरणों की तैनाती भी जरूरत के मुताबिक बदल रही है, ताकि किसी भी चुनौती का तुरंत जवाब दिया जा सके।”
