लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए अयोध्या विधानसभा सीट से तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडे को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन के मंच से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस नाम का ऐलान किया और चुनावी अभियान का शंखनाद किया।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि पवन पांडे अयोध्या सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करेंगे। राम मंदिर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस सबसे चर्चित सीट से सबसे पहले उम्मीदवार घोषित कर सपा ने सामाजिक समीकरणों और अपनी आक्रामक चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत दे दिया है।
छात्र राजनीति से अयोध्या के बड़े समाजवादी चेहरे तक का सफर
पवन पांडे को सपा ने एक बार फिर चुनावी मैदान में उतारा है। 1998 में छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले पवन पांडे 1999 से अखिलेश यादव के साथ लगातार सक्रिय हैं। 2004 में लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष रहे पवन पांडे 2007 के छात्र आंदोलन के दौरान जेल भी जा चुके हैं।
2012 में दी थी बीजेपी को शिकस्त
राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2012 के विधानसभा चुनाव में आया, जब पवन पांडे ने अयोध्या सीट से भाजपा के दिग्गज नेता और तत्कालीन मंत्री लल्लू सिंह को हराकर हलचल मचा दी थी। 2012 से 2017 तक विधायक रहते हुए उन्होंने सड़क, पानी, शिक्षा और स्थानीय मुद्दों पर लगातार काम किया।
हाल के दिनों में भी वह राम मंदिर निर्माण, भूमि अधिग्रहण, दान पेटिका विवाद और स्थानीय व्यापारियों के मुद्दों पर लगातार मुखर रहे हैं। एक बेबाक और जमीनी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले पवन पांडे के नाम के ऐलान के बाद से उत्तर प्रदेश की सियासत में गर्माहट आ गई है।
