कुशीनगर । उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में पडरौना कोतवाली और नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बीच बहने वाली झरही ड्रेन में डूबीं तीन मासूम बच्चियों के शव लगभग 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किया गया। एसडीआरएफ की टीम ने पूरी रात सर्च अभियान चलाया, जिसके बाद सुबह जाकर तीनों के शव मिले। मृतक बच्चियों की पहचान नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के दुबौली गांव की निवासी के रूप में हुई है। तीनों की उम्र क्रमशः 14 साल, 11 साल और 10 साल थी। इनमें दो सगी बहनें और एक चचेरी बहन थीं।
जानकारी के अनुसार तीनों बच्चियां घर के जानवरों के लिए चारा काटने निकली थीं। पुलिया पार करते समय संदिग्ध स्थिति में तीनों का संतुलन बिगड़ गया और वे तेज बहाव वाली झरही ड्रेन में जा गिरीं। देखते ही देखते तेज धारा में तीनों समा गईं।
घटना के समय साथ मौजूद सपना का 10 साल का छोटा भाई घबराकर गांव की तरफ दौड़ा और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, मछुआरे और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और बच्चियों को बचाने की कोशिश शुरू की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रातभर ड्रेन में सर्च अभियान चलता रहा। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों बच्चियों के शव बरामद हुए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तीनों बच्चियों के शव मिलने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घरों में चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
