नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। 30 जुलाई की सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर इस बात की जानकारी दी। वीडियो में 38 वर्षीय रहाणे भावुक नजर आए और उनकी आंखें नम थीं।
2020-21 गाबा जीत के हीरो
रहाणे को हमेशा 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताने के लिए याद रखा जाएगा। जब एडिलेड में भारत 36 रन पर सिमट गया और विराट कोहली पितृत्व अवकाश पर स्वदेश लौट आए थे, तब कप्तान रहाणे ने विपरीत हालात में टीम को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई थी।
2011 में किया था इंटरनेशनल डेब्यू
6 जून 1988 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में जन्मे रहाणे ने 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में टी-20 से इंटरनेशनल करियर शुरू किया था। एक महीने बाद चेस्टर ली-स्ट्रीट में वनडे और 2013 में दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया।
तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया के मजबूत स्तंभ रहे रहाणे अपनी शांत स्वभाव और तकनीक के लिए जाने जाते थे। टेस्ट में उन्होंने कई मौकों पर संकटमोचक की भूमिका निभाई।
3 साल से थे टीम इंडिया से बाहर
रहाणे का आखिरी इंटरनेशनल मैच 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर था, लेकिन वह सिलेक्टर्स की फ्यूचर प्लानिंग से काफी पहले ही बाहर हो चुके थे। हैरानी की बात ये है कि जिस टी-20 फॉर्मेट से करियर शुरू किया, उसी में उन्हें सबसे पहले ड्रॉप किया गया। 2016 के बाद उन्हें कभी टी-20 टीम में नहीं चुना गया।
आईपीएल में वह 2026 में कोलकाता नाइटराइडर्स की कप्तानी भी कर चुके हैं।
फैंस और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
संन्यास के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस और पूर्व खिलाड़ी रहाणे के योगदान को याद कर रहे हैं। खासकर गाबा टेस्ट में उनकी कप्तानी को भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट में गिना जा रहा है।
रहाणे ने अपने करियर में 82 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले। टेस्ट में उनके नाम 5000 से ज्यादा रन और 12 शतक दर्ज हैं।
अब रहाणे डोमेस्टिक और आईपीएल पर फोकस करेंगे। भारतीय क्रिकेट ने आज अपने सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक को अलविदा कह दिया।
