तेहरान । स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के एक बंदरगाह पर धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी नौसेना ने शनिवार को कथित तौर पर उन जहाजों पर निशाना साधा है जिन्होंने उनके निर्देशों का पालन करने से मना कर दिया था। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, ईरानी नौसेना ने उन जहाजों पर गोलीबारी की जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ईरान की अनुमति के बिना गुजरने या बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित जहाजों को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन निर्देशों का पालन न करने पर ईरानी बलों ने उन पर चेतावनी स्वरूप फायरिंग की। ईरान का दावा है कि हाल के महीनों में उसने जलडमरूमध्य में आवाजाही के लिए विशेष नियंत्रण और समन्वय व्यवस्था लागू की है तथा बिना अनुमति या समन्वय के गुजरने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
आईआरआईबी के अनुसार सिरिक बंदरगाह पर धमाके सुने गए। इसका कारण नौसेना के निर्देशों का गंभीरता से पालन न करना बताया जा रहा है।
इससे पहले यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया कि होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया है। सेंटकॉम के अनुसार, जहाजों पर हमला करने के उद्देश्य से कई “वन-वे अटैक ड्रोन” लॉन्च किए गए, जिन्हें अमेरिकी बलों ने मार गिराया। सभी ड्रोन निष्क्रिय कर दिए गए हैं और जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है।
अमेरिकी सैन्य कमान ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारा ट्रांजिट के लिए खुला हुआ है” और समुद्री यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
क्षेत्र में तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की खबरें भी सामने आ रही हैं, जबकि दूसरी ओर होर्मुज के आसपास सैन्य गतिविधियां जारी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हाल के महीनों में ईरान ने कई बार दावा किया है कि जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए उसके सुरक्षा निर्देशों का पालन करना होगा। कुछ मामलों में ईरानी बलों द्वारा चेतावनी फायरिंग, जहाजों को रोकने या वापस लौटाने की घटनाएं भी रिपोर्ट की गई हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ताजा घटना में शामिल जहाज किस देश के थे और उन्हें कितना नुकसान पहुंचा। संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
