UP को मिला फुलटाइम DGP, राजीव कृष्ण जून 2029 तक संभालेंगे कमान

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 4 साल से चले आ रहे कार्यवाहक DGP के दौर पर आखिरकार पूर्णविराम लग गया है। सरकार ने 1991 बैच के सीनियर IPS राजीव कृष्ण को पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है। मई 2022 में मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद यह पहला मौका है जब यूपी पुलिस को स्थायी मुखिया मिला है। उनका कार्यकाल जून 2029 तक रहेगा।

नई नियुक्ति UPSC नियमों के तहत हुई। शासन ने तीन नामों- रेणुका मिश्रा, पियूष आनंद और राजीव कृष्ण का पैनल भेजा था। इनमें से वर्तमान कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण के नाम पर मुहर लगी। वह 31 मई 2025 से कार्यवाहक DGP थे। उनसे पहले डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार और प्रशांत कुमार कार्यवाहक DGP रह चुके हैं।

राजीव कृष्ण यूपी के इकलौते IPS हैं जिन्हें दो बार लखनऊ का SSP बनाया गया। दिसंबर 2006 से मार्च 2007 और फिर DIG सिस्टम लागू होने पर दोबारा लखनऊ की कमान मिली। मायावती सरकार में UP ATS बनने पर वह पहले DIG बने और ATS का आधुनिकीकरण किया। SP के रूप में फिरोजाबाद उनका पहला जिला था। इसके बाद इटावा, मथुरा, नोएडा, आगरा के SSP रहे।

2012-2017 तक BSF में प्रतिनियुक्ति पर रहे। UP लौटकर मुरादाबाद पुलिस अकादमी ADG, लखनऊ जोन ADG, आगरा जोन ADG और ADG विजिलेंस रहे। मार्च 2024 में पेपर लीक के बाद जब सिपाही भर्ती बोर्ड की कमान मिली तो 60244 पदों पर बेदाग परीक्षा और रिजल्ट देकर सरकार का भरोसा जीता।

इलाहाबाद, बरेली, कानपुर, अलीगढ़ में ASP रहने वाले राजीव कृष्ण 31 मई 2026 को कार्यवाहक से पूर्णकालिक DGP बने हैं। अब उनके पास 2029 तक यूपी पुलिस को लीड करने का लंबा कार्यकाल है।

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