नई दिल्ली : सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कई दिनों से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. MCX पर सोने का रेट आज 18 मई को 747 रुपये गिरकर 157800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है. चांदी की कीमत 4000 रुपये फिसलकर 267901 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. सोने और चांदी के दाम इंटरनेशनल मार्केट में भी फिसल गए हैं.
सोने का दाम 0.33 फीसदी गिरकर 4547 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है. चांदी 2.41 फीसदी फिसलकर 75,675 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. सराफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें फिसल गई है.
अलग-अलग शहरों में आज कितना दाम?
दिल्ली के सराफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,57,070 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव 1,43,990 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार पर है. वहीं, मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,56,920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,43,850 रुपये प्रति 10 ग्राम है.
चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,60,910 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. वहीं पूणे और बेंगलुरू में 24 कैरेट सोने का भाव 1,56,920 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,43,840 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई.
दिल्ली, मुबंई, कोलकाता, अहमदाबाद समेत यूपी, बिहार और चंडीगड़ जैसे शहरों में चांदी का भाव सराफा बाजार में करीब 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है. उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में चांदी की कीमतें इसी दायरे में बनी हुई हैं.
वहीं चेन्नई और हैदराबाद में चांदी का रेट करीब 2,89,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है. दक्षिण भारत में चांदी की कीमतें उत्तर भारत की तुलना में ज्यादा बनी हुई हैं.
सोने-चांदी की कीमतों में दबाव की वजह
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहा है. UAE में एक परमाणु केंद्र पर ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई. वहीं साउदी अरब ने दावा किया कि उसने तीन ड्रोन को मार गिराया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कहा कि ईरान को जल्दी कदम उठाने की जरूरत है. बढ़ते तनाव और महंगाई के खतरे के बीच बाजार को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं. ऐसे समय में सोने की मांग कमजोर पड़ सकती है, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता और ऊंची ब्याज दरों के दौरान निवेशक दूसरे विकल्पों की ओर रुख करते हैं.
