नई दिल्ली : चुनाव आयोग (EC) ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है. यह कदम मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए उठाया गया है. उत्तर प्रदेश में फॉर्म जमा करने की अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. तमिलनाडु और पुडुचेरी में यह अवधि 3 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. वहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान निकोबार में 7 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी गई है. इस वृद्धि के साथ ही ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने की अवधि भी बढ़ा दी गई है. आयोग ने यह फैसला सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल हों.
तमिलनाडु और अंडमान को भी राहत
यूपी में मसौदा मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) अब 25 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगी. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान एवं निकोबार में SIR की समय सीमा 7 दिनों के लिए बढ़ाई गई है. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गणना अब 18 दिसंबर 2025 तक पूरी करनी होगी और मसौदा सूची 23 दिसंबर 2025 को जारी होगी. वहीं, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 14 दिसंबर 2025 तक गणना और 19 दिसंबर 2025 को मसौदा सूची जारी की जाएगी. आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से न छूटे. इन 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन फरवरी 2026 में किया जाएगा.
क्यों बढ़ाई गई तारीख?
चुनाव आयोग ने छह राज्यों में SIR की तारीख इसलिए बढ़ाई है ताकि मतदाता सूची का क्रॉस-वैरिफिकेशन अधिक सटीक तरीके से किया जा सके. आयोग ने सभी राज्यों से BLAs को ASD यानी Absent, Shifted, Dead और Duplicate मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि डेटा का मिलान बिना गलती के हो सके. यूपी में संख्या सबसे अधिक है, इसलिए आयोग ने अतिरिक्त समय दिया है, जिससे जांच पूरी तरह पारदर्शी रहे. उद्देश्य यह है कि किसी भी असली वोटर का नाम न कटे और न ही गलती से छूटे, साथ ही दोहराव या फर्जी प्रविष्टियों को हटाया जा सके.
पश्चिमी बंगाल SIR कार्यक्रम में नहीं कोई बदलाव
आयोग के प्रेस नोट के अनुसार पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के लिए SIR कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यहां गणना पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 ही थी और मसौदा सूची (ड्राफ्ट रोल) 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगी. यह फैसला तब आया है जब पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान बवाल की खबरें सामने आई थीं. रिपोर्टों के अनुसर यहां बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत की दुखद घटना भी हुई थी. बावजूद इसके चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल के लिए शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया गया है. शेड्यूल केवल उन्हीं 6 राज्यों/UTs के लिए संशोधित किया गया है जिनके मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) ने अनुरोध किया था. पश्चिम बंगाल के लिए SIR का अंतिम प्रकाशन भी फरवरी 2026 में होगा.
