आप दलित हो तो दबाया जा सकता, ये तमाशा बंद करे सरकार, वाई पूरन कुमार के परिवार से मिलने के बाद बोले राहुल गांधी

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नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार दोपहर को दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस वाई. पूरन कुमार के घर पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने कहा कि एक परिवार का मामला नहीं है. कांग्रेस नेता ने ये भी दावा किया कि इस घटना से गलत मैसेज जा रहा है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी सुबह-सुबह चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और अन्य कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे सीधे पूरन कुमार के आवास पर गए, जहां आईएएस पत्नी अमनीत पूरन कुमार और बेटी अमूल्या से करीब आधे घंटे तक बातचीत की.

‘सालों से हो रहा है भेदभाव’
पूरन को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘सालों से सिस्टम के आधार पर भेदभाव हो रहा है. ऑफिसर को कमतर करने के लिए, करियर बर्बाद करने के लिए सिस्टम के आधार पर दूसरे ऑफिसर लगातार काम कर रहे हैं. ये सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है. देश में करोड़ों दलित भाई-बहन हैं. उनको गलत मैसेज जा रहा है क्या मैसेज जा रहे हैं कि आप कितने भी सफल क्यों न हों, कितने भी ताकतवर क्यों न हों, कितने भी इंटेलिजेंट क्यों न हों. अगर आप दलित हो तो आपको दबाया जा सकता है, आपको कुचला जा सकता है. आपको फेंका जा सकता है और ये हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है.’

बंद कीजिए तमाशा: राहुल
लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष होने के नाते में मेरा पीएम मोदी और हरियाणा के सीएम को मैसेज है कि अपने दो बेटियों को जो भरोसा दिलाया है. उसको आप पूरा कीजिए और इनके पिता का अंतिम संस्कार होने दीजिए. आप ये तमाशा बंद कीजिए. उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अधिकारियों पर कर्रवाई कीजिए और इस परिवार पर जो परेशानियां हैं, उनको दूरी कीजिए.

दरअसल, आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास के साउंडप्रूफ बेसमेंट में खुद को गोली मार ली थी. मौत से एक दिन पहले उन्होंने पत्नी अमनीत के नाम वसीयत और आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा था. नोट में उन्होंने हरियाणा डीजीपी सत्रुजीत कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजरनिया समेत 13 अधिकारियों पर जातिगत उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और करियर बर्बाद करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

दिवंगत आईपीएस ने नोट में लिखा कि मैं अब और सहन नहीं कर सकता जो मुझे इस हालत में लाए, वे मेरी मौत के जिम्मेदार हैं.

अंतिम संस्कार करने से इनकार
इस मामले में पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पूरन कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही पीड़ित परिवार आरोपी अधिकारियों को FIR में नामजद करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी और ऐसा न होने तक परिवार ने दिवंगत IPS पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है.

पुलिस ने IPS की पत्नी को भेजा नोटिस
वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने दिवंगत आईपीएस की पत्नी को नोटिस जारी कर पूरन का लैपटॉप मांगा है. पुलिस का मानना है कि ये लैपटॉप मामले की जांच में अहम सबूत साबित हो सकता है, खासकर सुसाइड नोट की प्रामाणिकता और ईमेल विवरणों के लिहाज से.

पुलिस का कहना है कि इस लैपटॉप को सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब (सीएफएसएल) भेजकर सुसाइड नोट की प्रमाणिकता जांचना चाहती है, ताकि ये साफ हो सके कि सुसाइड नोट IPS पूरन कुमार ने खुद लैपटॉप से लिखा था.

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