श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ द्वारा आयोजित दो दिवसीय “श्रीमद भगवत गीता सेमीनार” के द्वितीय एवं अंतिम दिवस का प्रारम्भ इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष एवं वक्ता श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभु जी ने दीप प्रज्जवलित कर किया l
श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओं में से परम पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण ही मूल हैं, उन्होंने हमें बताया कि आध्यात्मिक दृष्टि से देखने पर यह ज्ञान होता है कि अच्छे लोगों के साथ बुरा तथा बुरे लोगों के साथ अच्छा कभी नहीं हो सकता है। यह तभी तक रहता है जब तक व्यक्ति के पुण्य उसके साथ रहते हैं।
श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण अनंत शक्तिशाली हैं, जो पूर्ण ज्ञानवान, पूर्ण सौंदर्यवान, पूर्ण बलवान, पूर्ण धनवान, पूर्ण यशवान एवं पूर्ण वैराग्यवान हैं, जो सभी को आकर्षित करने वाले हैं ।
अन्त में श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि यदि हम आध्यात्मिक दृष्टि से देखें तो सभी धर्म ग्रंथों में समान शिक्षा दी गयी है l श्रीमद भगवत गीता के अनुसार परम पुरषोत्तम श्रीकृष्ण ही परम ईश्वर हैं। अलग अलग धर्मों में उन्हें अलग अलग नामों से जाना जाता है। जिस तरह से सूर्य एक ही होता है लेकिन अलग अलग जगह पर अलग अलग भाषा मे उसको अलग अलग नाम दिया गया है। ठीक उसी तरह ईश्वर भी एक ही है उसे अलग अलग नामों से पुकारा जाता है l
भगवत गीता सेमीनार में लखनऊ एवं आस-पास के उपस्थित गणमान्य भक्तों को श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी द्वारा लिखित पुस्तक “भक्ति सनातन का आधार” वितरित की गयी, जिससे वह श्रीमद भगवत गीता को सरलता से समझ सकें l
उपस्थित सभी भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन कीर्तन, भोजन प्रसाद का आनंद उठाया
