तेल अवीव : इजरायली सेना ने शुक्रवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हवाई हमला किया, जिसमें हिज्बुल्लाह के शीर्ष सैन्य कमांडरों में से एक, इब्राहिम अकील समेत 7 लोगों की मौत हो गई और 59 लोग घायल हो गए. यह 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल-हमास युद्ध की शुरुआत के बाद से बेरूत के दक्षिणी हिस्से में होने वाला तीसरा हवाई हमला है. इस क्षेत्र में जारी संघर्ष अब नाटकीय रूप से गाजा से लेबनान की ओर शिफ्ट हो गया है.
हिज्बुल्लाह को बीते दिनों में इजरायल की ओर से अभूतपूर्व हमले का सामना करना पड़ा है. इसमें 16 सितंबर को हुआ पेजर अटैक भी शामिल है, जब हिजबुल्लाह के लड़ाकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हजारों संचार उपकरणों में अचानक विस्फोट होने लगा था. इस घटना में 37 लोग मारे गए और 3000 हजार से ज्यादा घायल हो गए. हिज्बुल्लाह ने पेजर अटैक के पीछे इजरायल की साजिश होने की बात कही है, हालांकि इजरायल ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.
कौन था इब्राहिम अकील?
इब्राहिम अकील हिजबुल्लाह की शीर्ष सैन्य इकाई, रादवान फोर्स (Radwan Forces) का प्रमुख था. वह फुआद शुकर के बाद हिज्बुल्लाह सशस्त्र बलों का सेकंड कमांडर-इन-चीफ भी था. सऊदी अल-हदथ चैनल ने हिज्जुल्लाह के एक करीबी सूत्र के हवाले से इब्राहिम अकील की मौत की पुष्टि की. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इब्राहिम अकील ने हिज्बुल्लाह के शीर्ष सैन्य निकाय, जिहाद परिषद में भी अपनी सेवाएं दी थीं.
अकील हिजबुल्लाह के इस्लामिक जिहाद संगठन का भी प्रमुख सदस्य था, जिसने अप्रैल 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर बमबारी सहित महत्वपूर्ण हमलों की जिम्मेदारी ली थी. इस हमले में 63 मौतें हुई थीं. अक्टूबर 1983 में यूएस मरीन कॉर्प्स बैरक पर हुए हमले में 241 अमेरिकी कर्मी मारे गये थे. अकील ने उस दौरान लेबनान में अमेरिकी और जर्मन नागरिकों को बंधक बनाने का निर्देश भी हिज्बुल्लाह लड़ाको को दिया था. अमेरिका ने अप्रैल 2023 में उसके बारे में जानकारी देने वाले को 7 मिलियन डॉलर (करीब 60 करोड़ रुपये) इनाम देने की घोषणा की थी.
