संस्कृति विरोधी, सनातन विरोधी और देश विरोधी इतिहास रहा है वामपंथी दलों का : भाजपा

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नई दिल्ली। भाजपा ने सोशल मीडिया पर विपक्षी गठबंधन में शामिल राजनीतिक दलों के खिलाफ चलाए जा रहे प्रचार अभियान के तहत गुरुवार को देश के वामपंथी (लेफ्ट) दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि भारत में वामपंथ का इतिहास सदैव संस्कृति विरोधी, सनातन विरोधी और देश विरोधी रहा है।

दरअसल भाजपा, विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल राजनीतिक दलों पर प्रहार करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘घमंडिया फाइल्स’ की एक पूरी सीरीज चला रहा है और इसी सीरीज के तहत भाजपा ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आठवां एपिसोड जारी कर वामपंथी दलों पर जमकर निशाना साधा है।

भाजपा ने घमंडिया फाइल्स के आठवें एपिसोड में 3 मिनट 28 सेकन्ड का एक वीडियो जारी कर कहा, “घमंडिया फाइल्स के आठवें एपिसोड में देखिए। भारत में वामपंथ का इतिहास सदैव संस्कृति विरोधी, सनातन विरोधी और देश विरोधी रहा है।”

भाजपा ने वीडियो में, लेफ्ट पर आजादी से पहले महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध करने, सुभाष चंद्र बोस का अपमान करने, 1962 में चीन के साथ लड़ाई के दौरान चीन का समर्थन करने, लड़ाई के दौरान भारतीय जवानों को खून देने का विरोध करने, कश्मीरी अलगाववादी नेताओं का गुणगान करने और कश्मीर से अनुच्छेद 370 का विरोध करने जैसे कई कामो का जिक्र करते हुए सीपीआई और सीपीएम सहित वामपंथी इतिहासकारों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इनकी वजह से देश को कई बार नुकसान झेलना पड़ा है। सीपीएम और सीपीआई ने सत्ता के लिए हिंसा तक का सहारा लिया। केरल में राजनीतिक हिंसा का दौर आज भी जारी है। पश्चिम बंगाल में भी सीपीएम का रक्त चरित्र देखने को मिलता है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि देश विरोधी, संस्कृति विरोधी और सनातन विरोधी कम्युनिस्ट पार्टियां आज घमंडिया गठबंधन में शामिल होकर देश को फिर से कई दशक पीछे ले जाने का षड्यंत्र रच रहे हैं और भारत के गौरवशाली इतिहास को फिर से बदलने का सपना पाल रहे हैं।

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