उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और जापान के बीच के संबंधों को विश्वास, विकास की साझेदारी और दो प्राचीन संस्कृतियों का मजबूत जुड़ाव बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों के यह संबंध अब केवल सांस्कृतिक-धार्मिक जुड़ाव तक सीमित न रहकर आर्थिक समृद्धि का नया मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
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‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का लोकार्पण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गहरी दोस्ती को समर्पित काशी (वाराणसी) के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीएम योगी ने इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनकर दोनों देशों की आत्मीय मैत्री को नमन किया।
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90 हजार करोड़ रुपये का निवेश: भारत-जापान के बीच मजबूत होते रिश्तों का सीधा फायदा उत्तर प्रदेश को मिल रहा है। राज्य सरकार ने जापानी कंपनियों के साथ करीब 90,000 करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) साइन किए हैं, जो प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार दे रहे हैं।
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काशी और क्योटो का सांस्कृतिक मॉडल: दोनों शहर अपनी सदियों पुरानी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के लिए जाने जाते हैं। काशी-क्योटो की इस साझेदारी ने विरासत संरक्षण, सतत विकास और पर्यटन के क्षेत्र में एक साझा और प्रेरणादायक मॉडल प्रस्तुत किया है।
अन्य प्रमुख अपडेट्स:
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आरएएफ (RAF) जवानों को दी बधाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ के स्थापना दिवस पर आरएएफ के जवानों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने में आरएएफ के योगदान को अनुकरणीय बताया।
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विभिन्न कार्यक्रमों में भागीदारी: काशी दौरे के दौरान सीएम योगी कई अन्य राजनीतिक व सामाजिक कार्यक्रमों का भी हिस्सा बने।
