नई दिल्ली : ईरान के ऊपर गिराए गए अमेरिकी F-15 फाइटर जेट के पायलट ने खुफिया अधिकारियों को चौंकाने वाला खुलासा किया है। पायलट का दावा है कि जेट से कूदने से पहले उसने आसमान में ईरानी ड्रोनों का एक झुंड देखा था जो ‘जेलिफिश’ जैसी शेप में उड़ रहा था। बड़े ड्रोन के नीचे छोटे ड्रोन टांगों की तरह लटके थे और पूरा गुट एक साथ हरकत कर रहा था। इस बयान से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
अप्रैल में गिरा था F-15, पहली बार हुआ था ऐसा हमला
यह घटना अप्रैल 2026 की है, जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही थी। ईरान के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया गया था। जेट में पायलट और वेपन सिस्टम ऑफिसर सवार थे। जंग के दौरान पहली बार किसी अमेरिकी एयरक्राफ्ट को ईरान के ऊपर गिराया गया था।
पायलट ने पैराशूट से कूदकर जान बचाई और कुछ घंटों बाद उसे रेस्क्यू कर लिया गया। वहीं वेपन सिस्टम ऑफिसर एक दिन से ज्यादा पहाड़ों में छिपा रहा, बाद में उसे भी बचा लिया गया। रेस्क्यू के दौरान एक A-10 एयरक्राफ्ट भी गिरा, लेकिन उसका पायलट ईरान की सीमा से बाहर सुरक्षित निकल गया।
‘हवा में बिछा बारूदी सुरंगों का जाल’: जेलिफिश जैसा था ड्रोन स्वॉर्म
पूछताछ में पायलट ने बताया कि जेट से कूदने से पहले उसने कई ड्रोन एक साथ जुड़े हुए देखे। ये ड्रोन एक जैसी हरकत कर रहे थे, जैसे कोई एक ही चीज हो। बड़े ड्रोन के नीचे कुछ छोटे ड्रोन थे, जो टांगों जैसे लग रहे थे। पूरा गुट जेलिफिश जैसा शेप बना रहा था।
एक सूत्र ने इसे ‘हवा में बिछा बारूदी सुरंगों का जाल’ बताया। अभी साफ नहीं है कि जेट इन्हीं ड्रोनों की वजह से गिरा था या नहीं। इसकी जांच चल रही है। खुफिया अधिकारियों में भी पायलट के दावे को लेकर मतभेद है।
सीजफायर के बीच आया खुलासा, परमाणु बातचीत पर फोकस
पायलट का यह खुलासा ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग रोकने के लिए बातचीत चल रही है। दोनों देशों ने पिछले हफ्ते सीजफायर के साथ 60 दिन की बातचीत शुरू की है। इसमें मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होनी है।
