
फोटो वायरल होने के बाद शबनम को रामपुर से बरेली जेल भेज दिया गया।
शबनम को उसके प्रेमी के साथ उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद रामपुर जिला जेल से बरेली लाया गया है। जेल से फोटो वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बरेली। शबनम को उसके प्रेमी के साथ उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद रामपुर जिला जेल से बरेली लाया गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद अमरोहा की रहने वाली शबनम को रामपुर जिला जेल से बरेली जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। रामपुर जेल से उनकी तस्वीर वायरल होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। बरेली जिला जेल के अधीक्षक वीपी सिंह ने पुष्टि की है कि शबनम को सोमवार को यहां लाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, रामपुर जेल से शबनम की एक तस्वीर वायरल होने के बाद प्रशासन ने उसे सुरक्षा के लिए दूसरी जेल भेजने का फैसला किया था। जेल प्रशासन ने बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया है जिन्होंने शबनम की तस्वीर ली थी और सोमवार को वायरल हुई थी। तस्वीर को वायरल करने के मामले में बंदी रक्षक नाहिद बी और शुबाब खान को निलंबित कर दिया गया है। वायरल तस्वीर के बारे में जेल प्रशासन का कहना है कि यह तस्वीर शबनम की ही है। फोटो 26 जनवरी को ली गई थी।
दूसरी ओर रामपुर जिला जेल के अधीक्षक पीडी सलोनिया ने कहा कि रामपुर जिला जेल से शबनम की तस्वीर वायरल होने के मामले में दो बंदियों को दोषी पाया गया, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है और प्रशासनिक दृष्टिकोण से शबनम को दिया गया। बरेली जिला जेल स्थानांतरित कर दिया गया है। निलंबित बंदियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जा रही है। सलोनिया ने कहा कि शबनम की वायरल तस्वीर रामपुर जेल में ली गई थी।
यह मामला थागौरतलब है कि शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अमरोहा जिले के हसनपुर के ग्राम बवानीखेड़ी में 14-15 अप्रैल 2008 की रात को माता-पिता, दो भाइयों, भाभी, भाभी, बहन और मासूम भतीजे की हत्या कर दी थी। । सलीम और शबनम को अमरोहा सेशंस कोर्ट ने 15 जुलाई 2010 को मौत की सजा सुनाई थी। उसके बाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों की सजा को बरकरार रखा।
राष्ट्रपति की दया याचिका खारिज
राष्ट्रपति ने उनकी दया याचिका को भी खारिज कर दिया। उसके बाद दोनों ने फिर से सुप्रीम कोर्ट में एक समीक्षा याचिका दायर की। शीर्ष अदालत ने शबनम की याचिका को खारिज कर दिया था और फांसी के आदेश को रामपुर जेल प्रशासन को भेज दिया था। शबनम के वकील ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष एक नई दया याचिका दायर की है। जेल अधीक्षक ने कहा कि अमरोहा अदालत से शबनम की मौत के वारंट के लिए अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।