1. 30/07/2020 मोटर अधिनियम में बदलाव होने के कारण हम पिकप डाला व हल्के भार वाहन वालों से जो कि 7500/- GVW के अंदर का लोड लेकर बड़े जनपद से छोटे जनपद तक व ग्रामीण छेत्रो मे जनउपयोगी समान जैसे फल दूध सब्जी राशन लेकर जाते है हम पिकप डाला व हल्के भार वाहन वालों से 1988 मोटर अधिनियम कानून के तहत ही जुर्माना राशि वसूला जाए।
2. हमारी पिकप डाला गाड़ियों पर जैसे DCM व बड़ी गाड़ियों पर ग्रासवेट सहित मिलती है वैसे ही हम पिकप वालों को भी पासिंग 2950/ GVW से 4950/ GVW करके मिले ताकि हम छोटी गाड़ी वालों को सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में संभागीय परिवहन अधिकारी के द्वारा ओवर लोड के नाम पर 30000/- रुपए से 40000/- रुपए का चालान करके गाड़ी को बंद न किया जाए हम हल्के भार वाहन वाले इस गाड़ी से जरूरी समान जैसे दूध फल सब्जी दवाई राशन को ढोकर अपनी जीविका को चलाते और परिवार का पालन पोषण करते है
3. उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों में फिटनेस निजीकरण होने से पहले हम गाड़ी वालों पर फिटनेस शुल्क 1500/- से 2000/- रुपए लगता था परंतु जब से सरकार द्वारा एयर सेल्स कॉर्पोरेशन को टेंडर दिया गया है तब से वही फिटनेस कराने का खर्चा 8000/- से 10000/- हो गया है जिससे हम छोटी गाड़ी वालों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है जिसका सीधा असर जनउपयोगी वस्तुओं पर पड़ रहा है।
4. हमारी पिकप डाला गाड़ी 7500/- जीवीडबल्यू के अंदर लोड लेकर चलती है हम पर नो इंट्री का दिनांक 16/12/2025 20500/- रुपए जुर्माना न लगाया जाए क्यूकि हम हल्के भार वाहन वाले बड़े जनपद से छोटे जनपद मे जन उपयोगी समान लाने व ले जाने का कार्य करते है।
5. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुशार लाइट मोटर वीइकल 7500/- जीवीडबल्यू के D/L को निलंबित करने का कोई प्रावधान नहीं है पर परिवहन अधिकारी द्वारा गाड़ी को पकड़े जाने पर ड्राइवर के D/L को 3 महीने के लिए निरस्त कर दिया जाता है वो 3 महीने अपनी जीविका कैसे चलाएगा अपने घर का पालन पोषण कैसे करेगा ।
6. उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक यातायात द्वारा हम पिकप डाला लोडर गाड़ी वालों पर पाँच चालान हो जाने पर ड्राइवर का DIL निरस्त कर दिया जाता है जबकि हमको पता ही नहीं चलता कि पुलिस द्वारा पीछे से या कैमरा द्वारा चालान कर दिया गया है।
7. ड्राइवर अगर चेकिंग के दौरान शराब पीकर गाड़ी चलाते पाया जाता है तो उसको 3-5 दिनों का कारावास व 3 महीने के लिए D/L को निरस्त कर दिया जाए या उसपर 5000/ से 10000/- रुपए तक जुर्माना लगाया जाए |
8. उत्तर प्रदेश परिवाहन अधिकारी आर टी ओ द्वारा हम गाड़ी वालों पर ओवर लोड का 22000/- रुपए प्रथम टन का जुर्माना शुल्क वसूल करते है जब कि अपने ही पास के प्रदेश उत्तराखंड में
