बरेली, जेएनएन। Drama on World Rangmanch Day : रिद्धिमा में शनिवार को एक पोस्टर से जागरूकता की कहानी का नाट्यमंचन हुआ। डॉ. शंकर शेष ने इस कहानी में बताया है कि कैसे एक पोस्टर भी अशिक्षित समाज में क्रांति ला सकता है।
कहानी कुछ इस प्रकार है.. कुछ अशिक्षित मजदूर पटेल नाम के आदमी की फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। पटेल उनसे कम तनख्वाह में ज्यादा काम लेता है। मजदूरों में से एक चैती अपने पति कल्लू एक पोस्टर के जरिए इसका विरोध करते हैं तो पटेल सिर्फ 25 पैसे बढ़ाता है। विरोध पर दोबारा 50 पैसे बढ़ाकर मजदूरों को मनाता है। लेकिन चैती और कल्लू नहीं मानते।
पटेल कल्लू को हवेली बुलाकर पगार बढ़ाकर बोलता है कि चैती हवेली पर काम करेगी। कल्लू इसके विरोध में एक पोस्टर फैक्ट्री की दीवार पर लगा देता है। इसमें लिखा कि चैती हवेली नहीं जाएगी। पोस्टर देखकर गुस्साया पटेल चैती को जबरन ले जाने की कोशिश करता है। तब सारे मजदूर मिलकर पटेल का विरोध करते हैं।