पुणे : पुणे पोर्श कार हादसे में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है. क्राइम ब्रांच आरोपी की मां शिवानी अग्रवाल को कोर्ट में पेश करेगी. नाबालिग आरोपी की मां शिवानी अग्रवाल पर आरोप है कि उसने बेटे के ब्लड सैंपल को बदल दिया था. जैसे ही यह खबर सामने आई तो शिवानी अंडरग्राउंड हो गई. फाइनली पुणे पुलिस ने उसे खोज निकाला है.
इस मामले में ससून अस्पताल के दो डॉक्टर और एक वार्ड बॉय पहले से ही पुलिस की हिरासत में हैं. आरोपी के पिता पर भी ब्लड सैंपल हेराफेरी के मामले में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस की जांच में अब सामने आया था कि शराब के नशे में धुत नाबालिग के ब्लड सैंपल को उसकी मां के ब्लड सैंपल से ही बदला गया था.
पुलिस जांच में सामने आया था फर्जीवाड़ा
बता दें कि ब्लड सैंपल में हेराफेरी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीहरि हलनोर और उनके स्टाफ ने की थी. इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद डॉ. हलनोर और डॉ. अजय तावड़े को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि, शिवानी अग्रवाल इन दोनों के अरेस्ट होने के बाद से फरार चल रही हैं. पुलिस उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही है.
विधायक की सिफारिश पर डॉक्टर की नियुक्ति
अस्पताल के डीन विनायक काले का दावा है कि नाबालिग के ब्लड सैंपल बदलने वाले आरोपी डॉ. तावड़े को विधायक सुनील टिंगरे की सिफारिश के बाद नियुक्त किया गया था. सिफारिश के बाद ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने इस नियुक्ति को मंजूरी दी थी. विनायक काले ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट और ड्रग मामलों में आरोपी होने के बावजूद डॉ. तावड़े को फॉरेंसिक मेडिकल विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया.
