मूलसमाज कश्यप निषाद गोंड द्वारा सांस्कृतिक ,समाजिक अस्मिता की पहीचान हुड़ुका नृत्य का विश्व आदिवासी दिवस एवं होली महोत्सव पर आयोजन किया गया।
आज लखनऊ गोमतीनगर के हिंदी मीडिया सभागार में होली महोत्सव एवं विश्व महिला दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ सामाजिक परिचय का आयोजन किया गया ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पधारी समाज सेविका श्रीमती गुंजन शर्मा , कानपुर से पधारी विशिष्ट अतिथि श्रीमती रेखा गोंड ,सीतापुर से नीलम गोंड, श्रीमती छाया प्रसाद,श्रीमती नीतू सिंह कश्यप आदि ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में छट्ठू धुरिया के दल द्वारा बहु प्रचलित लोक विरासत का प्रतीक हुड़ुका नृत्य प्रस्तुत किया गया ।सोनभद्र से आय लोक भोजपुरी गायक मुनेश्वर देवगन ने मनमोहक लोक गीतों द्वारा उपस्थित जन समूह अपनी कला की ओर आकर्षित कराकर मनमोह लिया । प्रविका गोंड ने ‘जा रे हट नटखट न खोल मेरा घुघट’ पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम आयोजक एवं संस्था के अध्यक्ष सतीश कुमार कश्यप ने कहा कि राष्ट्र के निमार्ण मे कहार निषाद गोंड मूल आदिवासी समाज का बड़ा योगदान रहा है।अपनी लोक संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति समाज के लोगों की बढ़ती रुचि इस बात का प्रमाण है कि परंपरा और आधुनिकता में कोई टकराव नहीं है।मुझे विश्वास है कि आनेवाली पीढ़ी के युवाजन इस चेतना के प्रेरक बनेंगे।बल्कि अपनी संस्कृति और परंपराओं के पोषण व संवर्धन में भी अहम भूमिका निभाएंगे।इस अवसर पर सीता राम कश्यप पूर्व अध्यक्ष राज्य ललित कला अकादमी ऊ .प्र. ,बाराबंकी से श्री गया प्रसाद धुरिया,पूर्व पुलिस अधीक्षक श्री दयाराम सिंह गौड़, सीतापुर से श्री बिंद्रा प्रसाद धुरिया, बस्ती से श्री राजेंद्र गोंड,श्री लाल जी धुरिया सहित तमाम समाज सेवी चिंतक आदि द्वारा भाग लेकर सामाजिक एकता समस्याओं के निराकरण पर विचार विमर्श किया ।मुख्य अथिति श्रीमती गुंजन शर्मा ने कश्यप निषाद गोंड में समन्वय के लिए किए संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की भूर भूर प्रशंसा की

श्रीमती छाया प्रसाद ने कहा समाज के बदलाव का अर्थ समाज की संरचना ,रूढ़िवादी परंपराओं और सोच के साथ सकारात्मक परिवर्तन है। शिक्षा और महिलाओं का शशक्तिकारण समाज की प्रगति का प्रमुख कारक है जो समाज को आधुनिक बनाता है।श्री गया प्रसाद धुरिया जी ने अवगत कराया की गोंड की छूटी हुई पर्याय कहार बाथम सुरहैया रैकवार धीवर गोडिया को अनुसूचित जन जाति का दर्जा दिए जाने हेतु माननीय मुख्यमंत्री ऊ .प्र.को प्रतिवेदन दिया गया है। कानपुर से पधारी श्रीमती रेखा गोंड ने बताया कि हमारे समाज का कोई सामाजिक,राजनैतिक संगठन नही है जो पूरे इस समाज को एक मंच पर एकत्र कर सके मूलवासी कश्यप निषाद गोंड जन उत्थान समिति से आशा जरूर दिखती है। संस्था की सचिव श्रीमती पुष्पा रानी गोंड ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति,सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है इसके तहत संस्था समय समय पर आयोजन करती रहती है।लोक परंपरा हुड़ुका लोककला गांव की गलियों से निकाल कर देश के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचना हमारा उद्देश्य है, क्योंकि लोक संस्कृति समाज का मजबूत आधार होती है।समय की अवश्यकता को देखते हुवे कश्यप निषाद गोंड समुदाय को एक मंच पर एकत्र होकर अपनी मूलभूत समस्याओं के लिए आत्ममंथन और आत्म चिंतन करना चाहिए।श्री दयाराम सिंह गोंड ने कहा कि हमे अपने परंपरागत रीतरिवाजो और संस्कृति को नही छोड़ना है यदि हमने अपनी संस्कृति से छेड़ छाड़ की तो हमारे आरक्षण पर ग्रहण लग सकता है ।कार्यक्रम का कुशल संचालन राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता रोहित कश्यप द्वारा किया गया।इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक इं.एस एन कश्यप ,संस्था के श्री मानवेंद्र गोंड, राजीव रतन चंद्र,इद्राशन प्रसाद गोंड,सुधीर कुमार केवट, ,अवधेश कश्यप,श्री अनिरुद्ध गोंड,देवेंद्र सिंह कश्यप,विश्व नाथ निषाद,विक्रम कश्यप,सत्यनाम निषाद,श्रीमती नीतू सिंबह कश्यप,आर डी प्रसाद,के पी गौड़ आदि समाज सेवी गण उपस्थित रहे।कार्यक्रम में पधारे सभी अथितियों का संस्था के मंत्री श्री जय प्रकाश सिंह द्वारा आभार प्रकट किया गया।
