काम के लिए क्या आप पाकिस्तान जाएंगी ? आलिया भट्ट का आया जवाब

मनोरंजन

नई दिल्ली : आलिया भट्ट इस साल दूसरी बार रेड सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचीं. यहां एक्ट्रेस बेटी राहा को लेकर तो बात की ही साथ ही पाकिस्तान जाने के सवाल का भी जवाब दिया. आलिया ने बताया कि कैसे उनका इस बार उनका इवेंट में जाना बेहद खास रहा.

राहा करती है सवाल
आलिया ने कहा कि इस बार ट्रिप का एहसास बिल्कुल अलग था, क्योंकि अब उनकी बेटी राहा इतनी बड़ी हो गई है कि वो पूछती है- मम्मा, आप कहां जा रही हो? कब वापस आओगी? अलिया ने बताया कि राहा की अब पैपराजी से अपनी ही तालमेल बन चुकी है और वो उन्हें पहचानने भी लगी है.

अलिया ने कहा कि अब उनकी जिंदगी और काम में ऑथेंटीसिटी यानी सच्चाई ही सबसे ज्यादा मायने रखती है, क्योंकि दर्शक हमेशा रियल चीजों पर ही रिएक्ट करते हैं, चाहे रिएक्शन कैसा भी हो.

पाकिस्तान जाएंगी आलिया
आलिया ने कहा कि वो हमेशा क्यूरियस और कुछ ना कुछ नया सीखने वाली बनी रहना चाहती हैं, चाहे भविष्य में कुछ भी हो. जब उनसे पूछा गया कि इंटरनेशनल स्टेज पर भारत को रिप्रजेंट करते हुए दबाव महसूस होता है या नहीं? तो उन्होंने कहा कि- दबाव नहीं, बल्कि गर्व महसूस होता है.

एक पाकिस्तानी फैन ने जब उनसे पूछा कि क्या वो पाकिस्तान आएंगी, तो आलिया ने मुस्कुराते हुए कहा- मैं जहां काम ले जाए, वहां चली जाऊंगी. नेपोटिज्म पर उन्होंने साफ कहा- जब ऑडियंस को लगता है कि कोई वाकई कुछ लेकर आ रहा है, तो सब माफ हो जाता है.

बदल गई 20 साल की आलिया
आलिया जब 20 साल की थीं तब वो बहुत कुछ करना चाहती थीं, इसलिए हर जगह जाती थीं, हर फील्ड में एंट्री मारी थी. ग्लोबल इवेंट्स जैसे कान्स और मेट गाला की तैयारी पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि- बाहर की सारी चमक-दमक के बाद वो होटल में जाकर पजामा पहनकर पिज्जा खाती मिलती हैं. उन्होंने अपने 20s के दिनों को याद करते हुए कहा कि- उस उम्र में मैं हर जगह होती थी. तब मैं बहुत ज्यादा उत्साहित, बहुत कोशिश करने वाली हुआ करती थी. लेकिन अब, दस साल बाद, मेरी सोच बदल गई है. उत्साह आज भी है, लेकिन अब मेरा तरीका थोड़ा शांत है, ज्यादा सोचा-समझा हुआ है.

आलिया ने माना कि उनकी सोच में पहले से बहुत बदलाव आ चुका है. उन्होंने कहा कि 17–18 की उम्र में वो बेहद निडर थीं. उन्हें कुछ नहीं पता था, हर जगह अपना सब कुछ लगा देती थीं. लेकिन समय के साथ सक्सेस, हार और अनुभवों की वजह से लोग थोड़ा संभलकर चलने लगते हैं. फिर भी, वो कहती हैं कि उनके अंदर का 18 साल वाला बहादुर हिस्सा वो हमेशा जिंदा रखना चाहती हैं.

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