हिट एंड रन कानून के विरोध में थमे 25 लाख ट्रकों के पहिए, बीच रास्ते में गाड़ी छोड़कर गए ड्राइवर

देश

नई दिल्ली : हिट एंड रन कानून के विरोध में देशभर मे बसों और ट्रकों के पहिए थम गए हैं. ड्राइवरों ने ट्रकों को सड़क पर ही छोड़ दिया है. आज भी देश में बसों और ट्रक ड्राइवरों से हड़ताल पर हैं. विरोध करने वाले ड्राइवरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. जिसके बाद मंगलवार को उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, पंजाब और उत्तराखंड में आज हालात बिगड़ सकते हैं.

गौरतलब है आज आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (गैर राजनीतिक ) ने आज दोपहर में इस संबंध में देशभर के ट्रांसपोर्ट यूनियनों की बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी. फिलहाल अगर आज भी ड्राइवरों की हड़ताल होती है तो देश में जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. ऐसे में जल्द ही सरकार को इस कोई कदम उठाने की जरूरत है.

देशभर के ज्यादातर राज्यों में केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन कानून का जमकर विरोध हो रहा है. ड्राइवरों के साथ तमाम ट्रांसपोर्ट यूनियनें इस कानून के विरोध में सड़कों पर उतर आई हैं. तमाम जगह आज भी चक्का जाम और बसों-ट्रकों की हड़ताल की सूचना है. इस हड़ताल में प्राइवेट बसों, ट्रकों से लेकर सरकारी महकमे में शामिल प्राइवेट बसें भी शामिल हो रही हैं.

दरअसल, हिट एंड रन के नए कानून के तहत केंद्र सरकार ने 10 साल की सजा एवं 10 लाख जुर्माना लगाने का प्रावधान लागू किया है. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृत लाल मदान ने बताया कि ट्रांसपोर्ट यूनियन ड्राइवरों के समर्थन आ गयी हैं. इस मामले में आज दोपहर को देशभर की तमाम यूनियनों की बैठक बुलाई गई है. इसी बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी और तय रणनीति के अनुसार आगे विरोध के तरीके अपनाए जाएंगे.

अमृत लाल मदान ने बताया कि मौजूदा समय 95 लाख से ज्यादा ट्रक पंजीकृत हैं, इनमें से 70 लाख ट्रक एक समय में रोड पर चलते हैं. इसमें से 30 से 40 फीसदी ट्रक रास्ते में खड़े हो गए हैं. इस हिसाब से यदि मोटा-मोटा अनुमान लगाया जाए तो एक साथ चलने वाले 70 लाख ट्रकों में से करीब 25 लाख से अधिक ट्रकों के पहिए थम गए हैं. इस तरह जल्द ही जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *