नई दिल्ली : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की पहली बार जीत पर विजय माल्या ने जैसे ही टीम को बधाई दी. ट्रोलर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। ये पहला मौका नहीं जब विजय माल्या ट्रोलर्स के निशाने पर हैं. वह जब भी कुछ पोस्ट करते हैं ट्रोलर्स उन्हें ट्रोल करने लग जाते हैं. ताजा मामला टीम की ऐतिहासिक जीत पर उन्होंने पुराने मालिक के तौर पर बधाई दी, लोगों ने रिप्लाई में पुराना हिसाब-किताब खोल दिया और पोस्ट के कमेंट सेक्शन में ऐसा सुनाया कि अब ये पोस्ट ही वायरल हो गया.
विजय माल्या ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए पूरी टीम को जीत की शुभकामनाएं दीं. अपनी पोस्ट में माल्या ने टीम की आइकॉनिक टैगलाइन दोहराते हुए लिखा कि ई साला कप नामदे!
विजय माल्या ने आगे लिखा कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आखिरकार 18 साल बाद आईपीएल चैंपियन बन गई है. 2025 का यह सीजन आरसीबी के लिए बेहद यादगार रहा. बेहतरीन कोचिंग और मजबूत सपोर्ट स्टाफ के साथ टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया और बोल्ड गेम दिखाया. टीम को ढेर सारी बधाई!
विजय माल्या की पोस्ट पर लोगों ने क्या-क्या लिखा, पढ़िए मजेदार कमेंट्स
आरसीबी की जीत पर विजय माल्या ने जैसे ही बधाई दी, सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. लोगों ने ट्रोल करने का ये मौका भी नहीं छोड़ा. किसी ने लिखा कि भाई जीत का क्रेडिट मत लो, अच्छा मौका है… पैसे लौटा दो.
वहीं एक यूजर ने विराट को लेकर लिखा कि विराट ने अपना सपना पूरा कर लिया, अब तुम्हारी बारी है.SBI का कर्ज चुका दो, उसका सपना भी पूरा कर दो.
वापस आइये और फैंस के साथ जश्न मनाइये माल्या साहब. हम सब आपको अपने कंधों पर उठाएंगे और SBI के बाहर एक साथ नाचेंगे.
एक और यूजर ने भावुक अंदाज़ में लिखा किआज अच्छा मौका है, प्लीज़ पैसे लौटा दो.तो किसी ने पुराना फिल्मी डायलॉग याद दिलाते हुए लिखा कि घर आजा परदेसी… तुझे देश बुलाए रे!
ईडी, सीबीआई, आईटी विभाग, आरबीआई, सेबी, समेत सभी जांच एजेंसिया RCB की जीत का जश्न मना रहे हैं. यही सबसे सही वक्त है इंडिया लौटने का!
बैंक से क्रेडिट लिया माफ किया. ट्रॉफी का क्रेडिट लोगे, नहीं चलेगा.
विजय माल्या ने मार्च 2016 में देश छोड़ दिया था. भारत में उन पर करीब 9000 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं. 5 जनवरी 2019 को मुंबई की एक विशेष अदालत ने उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया था. इसके अलावा, 11 जुलाई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अदालती अवमानना मामले में उन्हें चार महीने की जेल की सजा भी सुनाई थी.