लखनऊ, जनवरी 14; पर्वतीय महापरिषद के (25 साल पूर्ण) रजय जयंती के शुभअवसर पर 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग का प्रथम दिवस महानगर रामलीला मैदान से उत्तरायणी कौथिग की शोभा यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ, षोभायात्रा में गढवाली, कुमावंनी ,जौनसारी, व भारतीय भूतपूर्व सैनिको का दल व उत्तराखण्ड का छोलिया कलाकारांे का दल शामिल रहा। इसके अलावा लखनऊ के कल्याणपुर, ,गोमतीगर, सरोजनीनगर, सीतापुर रोड, तेलीबाग व अन्य क्षेत्रों से आये सांस्कृतिक दल एकत्रित हुए। तत्पष्चात विषाल जनसमूह के साथ दोपहर दो बजे प्रारम्भ हुई भव्य षोभायात्रा उत्तरखण्डी ढोल-बाजे, नगाड़े व गीतों पर थिरकते झूमते रंगबिरंगे परिधान पहने महिला-पुरूषों के समूहों द्वारा पैदल मार्च करते हुए , नन्दा राजजात यात्रा की झांकी सहित पूरे लखनऊ से विभिन्न क्षेत्रो के गणमान्यजन व जनसमुदाय के साथ गोल मार्केट चौराहा होते हुए निषातगंज, बादषाहनगर ,खाटूष्याम मन्दिर होते हुए महानगर की सड़कों पर रंगबिरंगी छटा बिखेरते हुए कौथिग स्थल पं0 गोविन्द बल्लभ पन्त पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन तक सायं पांच बजे पहुँची। पर्वतीय महापरिषद के मुख्य संयोजक टी एस मनराल ,संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेष चन्द जोषी ,महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ,संरक्षक प्रो0 आर सी पंत, एन के उपाध्याय, लाबीर सिह बिष्ट, डी डी नरियाल ,उपाध्यक्ष मोहन सिह मोना, सुमन सिह रावत ने यात्रा का नेतृत्व किया।
षोभायात्रा के कौथिग स्थल पहुँचते ही पंडाल के वातावरण में कोलाहल भर उठा। महिलाओं पुरूषों ने खूब जमकर सामुहिक नृत्य किए, उत्तराखण्ड से आए छोलिया दल के करतब भरे नृत्यों का प्रदर्षन देखकर जनमानस हतप्रभ हुआ। षोभा यात्रा में विभिन्न रथों पर अलग-अलग झांकियों का प्रदर्षन किया गया जिसमें मुख्य रूप से उत्तराखण्ड के धार्मिक पर्यटक स्थल, विगत 25 वर्षों में पर्वतीय महापरिषद द्वारा किए गए सामाजिक एवं प्रेरणादायी कार्य, महाकुम्भ प्रयागराज 2025 में पर्वतीय महापरिषद युवा प्रकोष्ठ द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा सुनिष्चित किए जाने, उत्तराखण्ड आपदा 2013 में पराली थराली तक आपदा राहत सामग्री व चिल्लरकोष योजना के तहत जरूररतमंदों की सहायता से सम्बन्धित झांकियां प्रदर्षित की गयी। मीडिया प्रभारी भुवन पाण्डेय ने बताया कि शोभा यात्रा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद धार्मिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पं0 नारायण दत्त पाठक व अन्य पुरोहितांे द्वारा मंत्रोचारण के बीच यात्रा का स्वागत किया। तत्पष्चात् महिलाओं द्वारा षगुन आंखर मंगलगीत गाकर देवी-देवताओं से कौथिग की सफलता की कामना की।
सांयकालीन सत्र – का उद्वघाटन कार्यक्रम मुख्य अतिथिष्मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्जवलित कर किया, अतिथि का स्वागत मुख्य संयोजक टी एस मनराल, संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेष चन्द्र जोषी व महासचिव महेन्द्र सिह रावत ने पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिन्ह देकर किया।
कार्यक्रम स्थल पर कार्यालय कार्यों में मुख्य संयोजक टी एस मनराल, संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेष चन्द जोषी, महासचिव महेन्द्र सिह रावत उपाध्यक्ष मोहन सिह बिष्ट मोना, जे पी डिमरी, ज्ञान पंत, के सी पंत, के एस रावत, गोपाल गौलाकोटी, हरीष काण्डपाल (सलाहकार/मीडिया सहप्रभारी), के एन पाठक, शंकर पाण्डेय, रमेष उपाध्याय, के एन पाण्डेय, गोविन्द बोरा, महेन्द्र पंत, ख्याली सिह कडाकोटी, पी सी पन्त, सुमन सिह रावत , गंगा भटट, सुमन मनराल, जानकी अधिकारी, पुष्कर नयाल, नारायण दत्त पाठक, माया भटट, मन्जु शर्मा, एम एस मेहता, गोविन्द पाठक, जी डी भटट, सहित पूरी टीम कार्य कर रही है।
