अरब सागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरान के ड्रोन को मार गिराया, बढ़ा तनाव

विदेश

नई दिल्ली : अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर के पास पहुंच रहे ईरानी ड्रोन को मार गिराया है. रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह ड्रोन अमेरिकी युद्धपोत की ओर बढ़ रहा था, जिसे खतरे के तौर पर देखा गया. यह घटना तब सामने आई जब अमेरिका-ईरान के बीच तुर्की में इसी हफ्ते परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू होने वाली है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ईरान का शहीद-139 ड्रोन था, जिसे अमेरिकी F-35 फाइटर जेट ने हवा में ही निशाना बनाकर गिरा दिया. इस घटना को क्षेत्र में बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि ईरान की तरफ से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी हथियारबंद नावों ने एक US-फ्लैग्ड ऑयल टैंकर को रोकने की कोशिश की थी. विपक्ष समर्थित एक ईरानी न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि जैसे ही टैंकर इस रणनीतिक जलमार्ग में दाखिल हुआ, उस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई.

रिपोर्ट में समुद्री सुरक्षा एजेंसी वैनगार्ड टेक के हवाले से कहा गया है कि 50-कैलिबर मशीन गनों से लैस ईरान की छह गनबोट्स टैंकर के करीब पहुंचीं और उसे इंजन बंद कर बोर्डिंग के लिए तैयार होने का आदेश दिया.

हालांकि, टैंकर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाद में एक अमेरिकी युद्धपोत ने उसे सुरक्षा दी. इससे पहले ब्रिटेन की UK Maritime Trade Operations एजेंसी ने भी ओमान से करीब 16 नॉटिकल मील उत्तर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के इनबाउंड ट्रैफिक जोन में एक जहाज से जुड़ी घटना की सूचना मिलने की पुष्टि की थी.

अमेरिका ने बीते एक महीने में ईरान के आसपास अपनी सैन्य तैनाती बढ़ाई है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, US ने ईरान के नजदीक स्थित सैन्य ठिकानों पर दर्जनों विमान तैनात किए हैं और मिडिल ईस्ट क्षेत्र में या उसके आसपास करीब एक दर्जन युद्धपोतों को तैनात किया है. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों, सैटेलाइट तस्वीरों और ट्रैकिंग डेटा के हवाले से कहा गया है कि ये कदम आने वाले हफ्तों में ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की जमीन तैयार कर सकते हैं.

रिपोर्ट में मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह सैन्य तैयारी पिछले साल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर किए गए हमलों से पहले जैसी व्यापक नहीं है, लेकिन फिर भी यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक ठोस सैन्य विकल्प जरूर देती है.

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर के साथ 26 जनवरी को US सेंट्रल कमांड के ऑपरेशनल क्षेत्र में दाखिल हुआ और फिलहाल उत्तरी अरब सागर में तैनात है. इसके अलावा कम से कम आठ अन्य अमेरिकी युद्धपोत भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास तैनात डिस्ट्रॉयर शामिल हैं. यह जानकारी अमेरिकी रक्षा अधिकारियों और सैटेलाइट इमेजरी के आधार पर दी गई है.

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