नई दिल्ली : अडानी को लेकर विपक्षी दलों ने संसद से सड़क तक हंगामा काट रखा है. इस बीच केंद्र सरकार ने अडानी ग्रुप (Adani Group) के लिए एक खुशखबरी दी है. दरअसल, मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज ने सोमवार (9 दिसंबर) को आंध्र प्रदेश में स्थित अडानी कृष्णापट्टनम पोर्ट को समुद्र के रास्ते भारत में पेट्रोलियम आयात करने की अनुमति दे दी है.
मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज के नोटिफिकेशन के मुताबिक कंपनी अब 1 मार्च, 2026 तक समुद्री मार्ग से पेट्रोलियम का आयात जारी रख सकती है. आदेश में कहा गया कि जनहित में पेट्रोलियम आयात करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृष्णापट्टनम पोर्ट के लिए 25 अगस्त, 2024 से 1 मार्च, 2026 तक की अवधि के लिए बंदरगाहों पर समुद्री मार्ग से भारत में पेट्रोलियम आयात करने की नोटिफिकेशन को आगे बढ़ाया जाता है.
इस खबर से अडानी पोर्ट के शेयरों में उछाल
इस खबर के आने के बाद से अडानी पोर्ट्स के शेयरों में तेजी दिखी. कारोबार के दौरान बीएसई पर अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (Adani Ports and Special Economic Zone Ltd.) का शेयर 1276.85 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. हालांकि कारोबार के अंत में 0.62 फीसदी तेजी के साथ 1266.85 रुपये के लेवल पर बंद हुआ.
भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर
पोर्ट बिजनेस अडानी ग्रुप के लॉजिस्टिक्स बिजनेस का अहम हिस्सा है. अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स और एसईजेड भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर है. इसकी 13 जगहों पर उपस्थिति है. गौरतलब है कि अडानी पोर्ट्स और एसईजेड ने पिछले साल दिसंबर में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में स्थित कृष्णापटनम पोर्ट का अधिग्रहण किया था.