आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की लखनऊ टीम ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड गैंग का खुलासा किया है। गिरोह के 14 सदस्यों को पकड़ा गया है। यह गिरोह फर्जी ID के आधार पर सिम कार्ड खरीदता था। इसके बाद ऑनलाइन बैंक खाते खोलकर गलत तरीके से रकम का आदान प्रदान कर रहा था। इस मामले में कुछ विदेशी नागरिकों के भी नाम सामने आए हैं। जिनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था (ADG) प्रशांत कुमार ने बताया कि UP ATS ने मुरादाबाद के रहने वाले मुख्य अभियुक्त प्रेम सिंह को भी गिरफ्तार किया है। यह सभी डिस्ट्रीब्यूटर, रिटेलर से प्री-एक्टिवेटेड सिम दिल्ली में तमाम लोगों को बेचता था। प्रति सिम का 40 रुपए का इसे फायदा मिलता था।
250 सिम और ढाई से तीन लाख रुपए बैंक खातों में मिले
ADG ने बताया कि प्रेम सिंह डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलरों से प्री-एक्टीवेटेड सिम लेकर दिल्ली में लोगों को बेचता था। इससे उसे 40 रुपए प्रति सिम मिलता था। जुलाई 2020 से जनवरी 2021 तक प्रेम सिंह ने 1500 प्री-एक्टीवेटेड सिम दिल्ली के लोगों को दिए हैं। जिसमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ये लोग कई बैंकों में खाते खोलकर अवैध तरीके से धनराशि ट्रांसफर करते थे। इसके बाद कार्डलेस पेमेंट मोड से ATM व अन्य माध्यमों से पैसे निकाल लेते थे।
ADG ने बताया कि आरोपियों के पास से 250 सिम और उनके रैपर मिले हैं। इसके अलावा खाते में ढाई से तीन लाख रुपए मिले हैं। फिलहाल ATS पकड़े गए जालसाजों के बैंकों खातों की डिटेल निकलवाकर जांच कर रही है। विदेशी आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। यह लोग अभी इंडिया में हैं। उनकी तलाश में साइबर एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
संभल निवासी मोहम्मद फहीम, सैमुल हसन, हरिओम अरोड़ा, चंद्र किशोर, तरुण सूर्या, पीयूष, मुरादाबाद निवसी प्रेम सिंह, अमरोहा निवासी अंशुल कुमार सक्सेना, चंदौसी निवासी प्रशांत गुप्ता और नोएडा से 5 कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नोएडा में गिरफ्तार आरोपियों को लखनऊ जा रहा है।