आज मंडलायुक्त श्री विजय विश्वास पंत द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट के समस्त पटलों एवं अनुभागों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विभिन्न अनुभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद कर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा अभिलेखों और पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत संयुक्त कार्यालय से की गई, जहां मंडलायुक्त ने विभिन्न पटलों पर रक्षित रजिस्टरों एवं पत्रावलियों की समीक्षा की। समीक्षा के उपरांत निर्देशित किया गया कि संयुक्त कार्यालय में मास्टर रजिस्टर तैयार किया जाए। साथ ही सरकारी सेवा से संबंधित चरित्र सत्यापन के प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर सत्यापित कर संबंधित विभागों को शीघ्र प्रेषित करना सुनिश्चित किया जाए। आर-ए-2 पटल के निरीक्षण के दौरान लंबित उत्तराधिकार प्रकरणों की आख्या संबंधित तहसीलों से प्राप्त कर उनका समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बिल लिपिक को सेवा पुस्तिकाओं का पृथक रजिस्टर तैयार कर सभी प्रविष्टियां अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने प्रभारी अधिकारी संयुक्त कार्यालय एवं प्रशासनिक अधिकारी को निर्देशित किया कि वे समय-समय पर सभी पटलों का निरीक्षण करते हुए कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करें। इसके पश्चात उन्होंने संपूर्ण कलेक्ट्रेट भवन का भ्रमण किया।
शस्त्र अनुभाग के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने नवीनीकरण एवं वरासत संबंधी प्रकरणों के निस्तारण की जानकारी प्राप्त की। अनुभाग में अभिलेख सुव्यवस्थित पाए जाने पर मंडलायुक्त ने संतोष व्यक्त किया।
इसके पश्चात मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी नगर (पूर्वी) के न्यायालय का निरीक्षण किया। यहां टेनेंसी एक्ट, खाद्य सुरक्षा, राजस्व, आबकारी तथा सरफेसी एक्ट से संबंधित वादों के निस्तारण की जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान पुराने वादों की पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए निर्देशित किया गया कि पाँच वर्ष से अधिक पुराने वादों के त्वरित निस्तारण हेतु दैनिक आधार पर तिथि निर्धारित की जाए तथा लंबित तामीलों को शीघ्र पूरा कराया जाए।
आगे मंडलायुक्त द्वारा सभागार, ईआरके, जेआरके, अभिलेखागार एवं सीआरए अनुभाग का निरीक्षण किया गया। अभिलेखागार में अभिलेख कॉम्पैक्टर में सुव्यवस्थित पाए गए। सीआरए अनुभाग में अमीनवार वसूली के विवरण की समीक्षा करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया गया कि वसूली कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री विशाख जी0, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), नगर मजिस्ट्रेट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
