सिटी मोन्टेसरी स्कूल की झाँकी ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ एवं ‘जय जगत’ की भावना का परचम लहराने को पूर्णतः तैयार है

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा इस वर्ष गणतन्त्र दिवस परेड में प्रदर्शित की जाने वाली झाँकी के संदर्भ में आयोजित इस प्रेस कान्फ्रेन्स में पधारे आप सभी पत्रकार बन्धुओं का मैं हार्दिक स्वागत करती हूँ। मुझे यह बताते हुए अत्यन्त प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में सिटी मोन्टेसरी स्कूल की झाँकी ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ एवं ‘जय जगत’ की भावना का परचम लहराने को पूर्णतः तैयार है। सी.एम.एस. की यह भव्य झाँकी “परमपिता है एक, विश्व परिवार हमारा है। सारे जग में गूंज उठे, जय जगत का नारा है।।’ की प्रेरणादायी थीम पर आधारित है ।
जैसा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विगत २१ नवम्बर २०२५ को ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा था कि “वसुधैव कुटुम्बकम अर्थात होल वर्ल्ड इज वन फैमिली हैज बीन बेसिक फिलॉसफी ऑफ इण्डिया फॉर थाउजेन्ड्स ऑफ इयर्स’ अर्थात हजारों वर्षो से भारत पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता आ रहा है’। मुझे आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा व्यक्त किये गये ये विचार सी.एम.एस. की इस अनूठी झाँकी में विद्यमान हैं।
जैसा कि आप जानते ही हैं कि सी.एम.एस. संस्थापक स्व. डा. जगदीश गाँधी जी ने ‘जय जगत’ को सी.एम.एस. का ध्येय वाक्य बनाया और इन्हीं विचारों को साकार करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। खास बात यह है कि सी.एम.एस. की यह झाँकी भावी पीढ़ी को विश्व नागरिक बनने की प्रेरणा देते हुए जनमानस को संदेश देती है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम ही नहीं है अपितु चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और वैश्विक उत्तरदायित्व का आधार है।
सी.एम.एस. झाँकी पाँच भागों में हैं और सभी भाग अनूठे ढंग से विश्व एक परिवार’ का संदेश दे रहे हैं। प्रथम भाग में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश निहित है जबकि द्वितीय भाग में ‘सर्वधर्म समभाव’ का संदेश दिया गया है। मध्य भाग में धार्मिक एकता का भाव है जबकि चतुर्थ भाग में सिटी मोन्टेसरी स्कूल के थ्री डी मॉडल के माध्यम से भावी पीढ़ी को उच्च जीवन मूल्यों के साथ आदर्श विश्व नागरिक बनाने की अपील है । यहीं पर सी.एम.एस. संस्थापक स्व. डॉ. जगदीश गांधी की प्रतिमा प्रदर्शित की गई है। अंतिम भाग में विज्ञान और अध्यात्म का संगम दिखाया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ वैज्ञानिक प्रगति का संदेश देते नजर आ रहे हैं।
इस अनूठी झाँकी पर प्रस्तुत किया जाने वाले गीत अत्यन्त प्रेरणादायी है, जिसके बोल इस प्रकार हैं :- परमपिता है एक, विश्व परिवार हमारा है, सारे जग में गूंज उठे, जय जगत का नारा है। एक बाग के फूल हैं हम, ये चमन हमारा है, सारे जग में गूंज उठे जय जगत का नारा है।

 

जैसा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विगत २१ नवम्बर २०२५ को ‘विश्व के न्यायाधीशों के अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा था कि “वसुधैव कुटुम्बकम अर्थात होल वर्ल्ड इज वन फैमिली हैज बीन बेसिक फिलॉसफी ऑफ इण्डिया फॉर थाउजेन्ड्स ऑफ इयर्स’ अर्थात हजारों वर्षों से भारत पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता आ रहा है। मुझे आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा व्यक्त किये गये ये विचार सी.एम.एस. की इस अनूठी झाँकी में विद्यमान हैं।
जैसा कि आप जानते ही हैं कि सी.एम.एस. संस्थापक स्व. डा. जगदीश गाँधी जी ने ‘जय जगत’ को सी.एम.एस. का ध्येय वाक्य बनाया और इन्हीं विचारों को साकार करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। खास बात यह है कि सी.एम.एस. की यह झाँकी भावी पीढ़ी को विश्व नागरिक बनने की प्रेरणा देते हुए जनमानस को संदेश देती है कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम ही नहीं है अपितु चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और वैश्विक उत्तरदायित्व का आधार है ।
सी.एम.एस. झाँकी पाँच भागों में हैं और सभी भाग अनूठे ढंग से ‘विश्व एक परिवार’ का संदेश दे रहे हैं। प्रथम भाग में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का संदेश निहित है जबकि द्वितीय भाग में ‘सर्वधर्म समभाव’ का संदेश दिया गया है। मध्य भाग में धार्मिक एकता का भाव है जबकि चतुर्थ भाग में सिटी मोन्टेसरी स्कूल के थ्री डी मॉडल के माध्यम से भावी पीढ़ी को उच्च जीवन मूल्यों के साथ आदर्श विश्व नागरिक बनाने की अपील है । यहीं पर सी.एम.एस. संस्थापक स्व. डॉ. जगदीश गांधी की प्रतिमा प्रदर्शित की गई है। अंतिम भाग में विज्ञान और अध्यात्म का संगम दिखाया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ वैज्ञानिक प्रगति का संदेश देते नजर आ रहे हैं।
इस अनूठी झाँकी पर प्रस्तुत किया जाने वाले गीत अत्यन्त प्रेरणादायी है, जिसके बोल इस प्रकार हैं :- परमपिता है एक, विश्व परिवार हमारा है, सारे जग में गूंज उठे, जय जगत का नारा है। एक बाग के फूल हैं हम, ये चमन हमारा है, सारे जग में गूंज उठे जय जगत का नारा है।

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