समाज में महिलाओं की भूमिका सिर्फ परिवार और नौकरी तक सीमित नहीं है।

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ। समाज में महिलाओं की भूमिका सिर्फ परिवार और नौकरी तक सीमित नहीं है। वे सामाजिक बदलाव की भी वाहक हैं। जब कोई महिला खुद आत्मनिर्भर बनती है, तो वह दूसरों को भी प्रेरित करती है। समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके अधिकारों को लेकर समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं। एक जागरूक समाज ही महिलाओं को आगे बढ़ने का सही अवसर दे सकता है, जिससे वे अपने और समाज के विकास में योगदान दे सकें।

 

सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से अदीरा वेलफेयर क्लब द्वारा 24 अगस्त को होटल कसाया इन विराजखंड गोमतीनगर में सामाजिक किटी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।

 

अदीरा वेलफेयर क्लब की संस्थापिका व सीईओ रितिका चौधरी ने कहा कि अदीरा का अर्थ है शक्तिशाली और महान। बिना रुके तमाम अड़चनों को पार करके भी जो महिलाएं अपने उ‌द्देश्य को लेकर आगे बढ़ रहीं है, निसंदेह वह शक्तिशाली है।

 

उन्होंने बताया कि सामाजिक कार्यों के नौ क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। जिसमें चाइल्ड एजुकेशन, एनिमल वेलफेयर, महिला सशक्तिकरण, ओल्ड ऐज होम, सैनिटेशन, संस्कृति, पर्यावरण, ह्यूमन ट्रैफिकिंग, पर्यावरण, महिला स्वास्थ्य शामिल है। अदीरा वेलफेयर किटी में भी नौ दुर्गा के रूप में नौ वर्टीकल बनाये गए हैं, ताकि सभी के काम को एक नयी उड़ान और पहचान मिल सके। महिलाओं की 9 टीमें बनाई जाएंगी, जो अलग अलग सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करेंगी।

मुख्य अतिथि रिकी ग्रांड मास्टर वास्तु एक्सपर्ट सोहानी पाण्डेय ने कहा कि अध्यात्म हमें जीवन जीना सिखाता है। अध्यात्म की सबसे बड़ी पावर है संयम और जिंदगी में संयम और मन की शांति जरूरी है। हम जिंदगी में ऐसे कार्य करते हैं जिससे शांति भंग हो जबकि उसको इगनोर कर सकते हैं। आप ऐसी रोशनी बनिए जो दूसरों की जिंदगी को भी रौशन कर सके।

 

उन्होंने कहा कि अध्यात्म मानव जीवन के अर्थ, उद्देश्य और परम सत्य की खोज से जुड़ा है। अध्यात्म का उद्देश्य व्यक्ति को अपने अस्तित्व के उद्देश्य को समझने और अपने जीवन को सार्थक बनाने में मदद करना है। उन्होंने अपने जीवन में बचपन से अभी तक घटित कई घटनाओं और अनुभवों को भी साझा किया।

 

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं समाज की नींव होती हैं, जो परिवार से लेकर कार्यस्थल और सामाजिक बदलाव तक हर स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समाज में उनकी भूमिका को समझना और उसे सशक्त बनाना जरूरी है, क्योंकि एक मजबूत और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महिलाओं का योगदान है।

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