बुलंदशहर : यूपी के संभल और वाराणसी के बाद जनपद बुलंदशहर में सालों से बंद पड़ा एक हिन्दू मंदिर मिला है. मामले में हिंदू संगठनों ने प्रशासन अपील की है कि मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाए जिससे मंदिर में पूजा-पाठ किया जा सके. मंदिर के बारे में कहा जा रहा है कि यह 50 साल पुराना है और यह 1990 दंगो के बाद से बंद पड़ा है.
रविवार को खुर्जा के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) दुर्गेश सिंह ने बताया कि सलमा हकन मोहल्ले में मंदिर का निर्माण जाटव समुदाय द्वारा किया गया था, जो वहां पूजा भी करते थे. एसडीएम ने बताया कि करीब तीन दशक पहले जाटव समुदाय ये मोहल्ला छोड़कर चले गए थे. ऐसा कहा जाता है कि खुर्जा मंदिर की मूर्तियों को समुदाय के एक परिवार द्वारा नदी में विसर्जित कर दिया गया था.
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर का ढांचा बरकरार है और स्थल को लेकर कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. इस बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) और जाटव विकास मंच ने अधिकारियों से मंदिर का जीर्णोद्धार करने का आग्रह किया है ताकि धार्मिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सके.
संभल और वाराणसी में भी मिल चुके हैं पुराने मंदिर
इससे पहले संभल प्रशासन ने शहर में सांप्रदायिक दंगों के बाद 1978 से बंद पड़े एक मंदिर को 14 दिसंबर को फिर से खोल दिया था. खुर्जा में ये मंदिर संभल में 1978 से बंद पड़े शिव मंदिर के एक सप्ताह बाद मिला है. संभल के बाद वाराणसी के मुस्लिम बहुल मदनपुरा इलाके में भी एक 250 साल पुराना मंदिर मिला है. ये मंदिर एक मकान के अंदर है, जिसे मुस्लिम शख्स ने अपनी प्रॉपर्टी बताया है. हालांकि हिंदू संगठनों ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें मंदिर में पूजा-पाठ कराने की मांग की है.