उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष ऊर्जा प्रबंधन द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण का फैसले के खिलाफ आज चौथे दिन भी ज्ञापन प्रेषण करने एवं जन जागरण अभियान चलाया।
संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष इंजीनियर गोपाल बल्लभ पटेल जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर विद्युत विभाग में तकनीशियन/जूनियर इंजीनियर/सहायक अभियंता के पद पर कार्य करने वाले कार्मिकों की छटनी से जहां एक तरफ कर्मचारियों एवं जूनियर इंजीनियर का भविष्य पर संकट आ गया है वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सभी आई टी आई कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं इंजीनियरिंग कॉलेज से विद्युत अभियंत्रण का क्रेज समाप्त हो जायेगा। मध्यम एवं निम्नवर्गीय परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई लिखाई के साथ साथ विवादों से इस लिए भी दूर रहता है कि उसके घर के बच्चे सरकारी नौकरी करके परिवार को सहारा बनेगा।
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े उद्योग के 42 जनपदों की विद्युत व्यवस्था के निजी हाथों में जाने के पश्चात युवाओं में सरकारी नौकरी पाने के अवसर खत्म हो जाएंगे जिससे प्रदेश के युवा वर्ग में बेरोजगारी के साथ निराशा बढ़ेगी जो किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है ।
संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी से मार्मिक अपील किया है कि निजी कंपनी जिसका एक मात्र उद्देश्य लाभ कमाना है, प्रदेश की जनता को उसके हाथों में जाने से बचाया जाए तथा लोक कल्याण में एवं प्रदेश के 27000 नियमित तथा 50000 निविदा कर्मचारीयों के भविष्य को ध्यान में रखकर निजीकरण के फैसले को वापस लिया जाए।
आज भारत के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह जी के जन संपर्क अधिकारी को माननीय मुख्य मंत्री,उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन प्रेषित करने के साथ, केंद्रीय मंत्री माननीय कीर्तिवर्धन सिंह जी के प्रतिनिधि , माननीय राज्य मंत्री श्री दयाशंकर जी,माननीय महापौर वाराणसी, माननीय जिलाध्यक्ष बीजेपी इटावा,माननीय सांसद प्रतिनिधि इटावा,माननीय अशोक वाजपेई जी,माननीय कमलेश पासवान केंद्रीय राज्य मंत्री , अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधियों के साथ पॉलिटेक्निक / शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य को भी जू ई संगठन के पदाधिकारियों द्वारा ज्ञापन प्रेषित किया गया।