“समर्थ उत्तर प्रदेश- विकसित उत्तर प्रदेश 2047” कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, तेलीबाग लखनऊ के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ।

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

दिनांक 11 सितंबर 2025 को “समर्थ उत्तर प्रदेश- विकसित उत्तर प्रदेश 2047” की परिकल्पना को साकार करने हेतु कृषि एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं से जुड़े अनुभवी प्रबुद्ध जनों एवं सरकारी सेवाओं से अधिवर्षता पूर्ण वरिष्ठ अधिकारियों/वैज्ञानिकों व जनपद के कृषकों के मध्य कृषक वैज्ञानिक संवाद का आयोजन भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, तेलीबाग लखनऊ के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अनूप चंद पांडे पूर्व मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के द्वारा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य संगोष्ठी में आए प्रगतिशील कृषकों, अनुभवी प्रबुद्ध जनों, वरिष्ठ अधिकारी/ कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि के क्षेत्र में अपने-अपने सुझावों /विचारों को साझा कर भविष्य के लिए एक ऐसी रणनीति तैयार करना, जिसके माध्यम से हम सब इस महान संकल्प “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047” की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए वर्ष- 2047 तक उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे अग्रणी और विकसित राज्य बनाने में सफल हों, पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष जी की अनुमति से संयुक्त कृषि निदेशक डॉ अजय कृष्ण द्वारा कृषि एवं सहयोगी विभागों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पिछले 8 वर्षों की प्रगति से पी पी टी के माध्यम से प्रजेंटेशन किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को श्री विनय प्रकाश श्रीवास्तव पूर्व निदेशक उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम द्वारा कृषकों को रासायनिक खेती के स्थान पर अब प्राकृतिक/ जैविक खेती करने हेतु प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील कृषकों एवं एफ पी ओ के प्रतिनिधियों द्वारा लक्ष्य 2047 को प्राप्त करने हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए। के क्रम में श्रीमती अंजू श्रीवास्तव वैज्ञानिक, केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रेहमान खेड़ा द्वारा संस्थान द्वारा निकाली गई आम एवं अमरूद की उन्नतशील प्रजातियों को लगाकर बागवान अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं की बात कही गई। डॉ प्रभात कुमार शुक्ल द्वारा कृषि रसायनों का कम प्रयोग कर आई पी एम जैसी विधाओं को बढ़ावा दिया जाए एवं नकली उर्वरक,बीज व रसायनों पर हो रही मिलावट को कड़ाई से रोका जाए तथा प्रसार कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण केंद्रीय संस्थानों में कराये जाने के सुझाव दिए गए। श्री उपेंद्र कुमार ,आम उत्पादक मलिहाबाद द्वारा बड़े आम के बागों के जीर्णोद्धार से बागानों को गुणवत्ता युक्त उत्पादन एवं विपणन में होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी गई। संतोष कुमार पाल द्वारा बागों के नीचे छाया में सह फसली के रूप में हल्दी, अदरक आदि फसलें लगाकर एवं स्वयं उद्यमी बन कर अधिक लाभ प्राप्त करने की बात कही गई। व छोटे कृषकों को कृषि मशीनरी वाले कृषकों से जोड़ने की बात कही गई।

अध्यक्ष अधीनस्थ सेवा चयन आयोग श्री एस एन साबत द्वारा वर्ष 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर एवं जमीन की उर्वरा शक्ति को बनाए रखते हुए गुणवत्ता युक्त उत्पादन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया । श्री अनूप चंद पांडे,(आई ए एस)पूर्व मुख्य सचिव द्वारा बताया गया कि उत्तर प्रदेश में 65% जनसंख्या कृषि पर निर्भर है जिसमें लघु एवं सीमांत कृषक 93% हैं अब जो भी नीति का निर्धारण किया जाना है वह कृषकों को केंद्र में रखकर बनाई जाए। अब सतत कृषि अपनाये जाने, कम लागत में अधिक उत्पादन, एक्सपोर्ट क्वालिटी/ एक्सपोर्ट के मानकों का प्रचार प्रसार एवं कृषि विविधीकरण अपनाने का सुझाव दिया गया।

कार्यक्रम के मध्य में विकसित भारत पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। अन्त में मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन ने समस्त आगुंतकों का आभार/धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम में दिए गए सुझावों को जनपद में क्रियान्वित करने की बात की।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में मून हाल सभागार इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय/राज्य पुरस्कार प्राप्त महानुभवों एवं अपनी विद्या में ख्याति प्राप्त अन्य बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश श्री अनूप चंद्र पाण्डेय, अध्यक्ष अधीनस्थ सेवा चयन आयोग डॉ0 एस0एन0 साबत, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिल्लाखंड विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री अनिल कुमार शुक्ला, कृषि वैज्ञानिक डॉ0 विनय प्रकाश श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन उपस्थित रहे।

इस विशेष आयोजन में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त महानुभावों, विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विधा में एवं प्रतिभा से ख्याति अर्जित करने वाले बुद्धिजीवियों तथा सम्मानित अतिथियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य माननीय प्रधानमंत्री जी के विज़न विकसित भारत @2047 और माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के समर्थ उत्तर प्रदेश अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक विचार-विमर्श करना था। इसमें चिकित्सा, खेल, कृषि, शिक्षा, उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञों एवं प्रबुद्धजनों ने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। उपस्थित महानुभावों ने अपनी-अपनी विशेषज्ञता के आधार पर ठोस सुझाव दिए और विश्वास व्यक्त किया कि यदि योजनाओं का चरणबद्ध क्रियान्वयन किया जाए, तो उत्तर प्रदेश न केवल भारत के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा बल्कि 2047 तक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान देगा।

चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता वृद्धि एवं डिजिटल हेल्थ मिशन के विस्तार पर जोर दिया। खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने युवाओं को अवसर देने, खेल अवसंरचना विकसित करने, नए खेल मैदान बनाने तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत को अग्रणी बनाने हेतु दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकताओं से अवगत कराया। कृषि क्षेत्र के विद्वानों ने बताया कि भूमि सीमित है, किंतु बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती, जैविक उर्वरकों एवं आधुनिक तकनीक को अपनाना अनिवार्य होगा। शिक्षा एवं उद्योग जगत के वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत @2047 की नींव है। नई पीढ़ी को रोजगारोन्मुखी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार की दिशा में प्रेरित किया जाना चाहिए।

इसी क्रम में आज के कार्यक्रम के तीसरे सत्र में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित मर्करी हाल सभागार में समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047 श्रमिक संगठन, महिला संगठन एवं स्वयंसेवी संगठन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश और जनपद लखनऊ के विगत 8 वर्षों की प्रगति एवं विकसित उत्तर प्रदेश अभियान @2047 का परिचय प्रस्तुत किया गया।

सत्र के दौरान आवासीय विद्यालय के छात्रों के अभिभावकों, श्री सुजीत कुमार यादव एवं श्री रंजीत कुमार यादव द्वारा फीडबैक साझा किया गया। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा भी अपना अनुभव एवं फीडबैक दिया गया। आगे के सत्र में आईएएस श्री आलोक कुमार द्वितीय, अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा औद्योगिक विकास पर उद्बोधन दिया गया। इसके अतिरिक्त श्री एस एन साबत(सेवानिवृत IPS) एवं श्री अनूप कुमार पाण्डेय (सेवानिवृत आईएएस) ने भी अपने विचार रखे।

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