किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षण पहचानें और बचाव करें

हेल्थ

आमतौर पर किडनी फेलियर के मामले बुढ़ापे में सामने आते हैं, लेकिन इन दिनों खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान की वजह से किडनी पर बुरा असर पड़ने लगता है, जिससे किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि किडनी का खास ख्याल रखा जाए और साथ ही इसके कुछ शुरुआती लक्षणों की पहचान भी जाए। आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ लक्षणों के बारे में बताएंगे, जो आपको समय रहते खुद को बचाने में मदद करेगी।

एंकल और पैरों में सूजन

बिना वजह पैरों और एंगल में सूजन को अनदेखा करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। दरअसल, यह किडनी की फंक्शनिंग में गड़बड़ी का संकेत है। किडनी के सही तरीके से काम न करने की वजह से शरीर में सोडियम जमा हो सकता है, जो पैरों, टखनों (एंकल), टांगों, हाथों और चेहरे में सूजन का कारण बन सकती है।

थकान और कमजोरी

किडनी की फंक्शनिंग में कमी से शरीर में टॉक्सिन्स का जमा हो सकते हैं, जिससे लगातार थकान और कमजोरी बनी रहती है। इसके अलावा, किडनी की बीमारियां एनीमिया का कारण भी बन सकती हैं, जिससे थकान और बढ़ जाती है। इसलिए बिना वजह होने वाला थकान को अनदेखा न करें।

आंखों के आसपास सूजन

अगर आपकी किडनी खराब होने लगी है, जो इसके कुछ लक्षण आपकी आंखों में भी नजर आने लगते हैं। ऐसा तब होता है, जब किडनी डैमेज होने की वजह से यूरिन में मौजूद प्रोटीन की उपस्थिति के कारण हो सकता है।

यूरिन के पैटर्न में बदलाव

यूरिन के पैटर्न में बदलाव किडनी की बीमारी के सबसे ज्यादा गौर किए जाने वाले लक्षणों में से एक है। यूरिन पैटर्न में यह बदलाव निम्न हो सकते हैं-

ज्यादा पेशाब आना, खासकर रात में (नोक्टुरिया)
गहरा, जंग जैसा या भूरे रंग की यूरिन
झागदार या बुलबुले वाला पेशाब, जो प्रोटीन की मौजूदगी का संकेत देता है
यूरिन में खून (हेमट्यूरिया)
मांसपेशियों में ऐंठन

सोडियम, कैल्शियम और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स में असंतुलन मांसपेशियों और नर्व्स की फंक्शनिंग में बाधा बन सकते हैं। इसकी वजह से ही मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इसलिए इसे भी इग्नोर न करें।

भूख न लगना

किडनी की बीमारी से मतली और उल्टी हो सकती है, जिससे भूख कम हो सकती है और वजन भी कम हो सकता है।

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