मदिर अध्यक्ष श्रीमान अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने राधा रानी का अभिषेक किया एवं पुष्पांजलि अर्पित की गयी | श्रीमान जीतमित्र प्रभुजी ने कथा मे बताया कि श्रीमती राधा रानी भगवान श्रीकृष्ण की अंतरंगा शक्ति है, इनके पिता का नाम वृषभानु एवं माता का नाम कीर्ति दा हैl श्रीमती राधा रानी महाराज वृषभानु जी को यनुना नदी मे ध्यान करते हुए 1000 पंखुड़ियों वाले कमल पुष्प मे मिली थीं |
श्रीमती राधा रानी का भाव यह रहता है कि वह भक्ति में सबसे निम्न स्तर पर हैं और सभी उनसे श्रेष्ठ हैं, जबकि हम राधा रानी के माध्यम से ही भगवान श्रीकृष्ण की सेवा करते हैं l राधा जी की कृपा के बिना भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति प्राप्त नहीं की जा सकती है |
वृषभानु नंदिनी श्रीमती राधा रानी ने प्राकट्य से लेकर तब तक अपनी अपनी आँखों को बंद ही रखा ज़ब तक भगवान श्रीकृष्ण उनके समक्ष नहीं आये अर्थात उन्होंने सर्वप्रथम भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किये |
आईoजीoएफ0, प्रभुपाद यूथ आर्मी एवं संस्कारशाला के बच्चों द्वारा द्वारा सुन्दर नाट्य प्रस्तुतियों ने भक्तों का मन मोह लिया | राधाष्टमी महोत्सव में लखनऊ एवं आस-पास के गणमान्य भक्त उपस्थित रहे l भक्तों ने दोपहर तक उपवास रखा, तत्पश्चात भोजन प्रसाद (भंडारा) का आनंद उठाया ।