वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 2200 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। पीएम मोदी शनिवार को वाराणसी के बनौली गांव से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (पीएम किसान) योजना की 20वीं किस्त जारी कर दी है। इस मौके पर देशभर के 9.7 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में करीब 20,500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता ट्रांसफर की गई है। इस रकम को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजा गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेता हैं। पिछले 11 वर्ष में दुनिया के चार दर्जन से अधिक देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री को समर्पित किया है। लोक कल्याण के लिए, विश्व कल्याण के लिए उनकी दूर दर्शिता का लोहा पूरी दुनिया मानती है…यह हमारा सौभाग्य है कि देश की संसद में प्रधानमंत्री इस काशी का प्रतिनिधित्व करते हैं
कनेक्टिविटी को मजबूत करने के प्रयासों के तहत, प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी-भदोही रोड और छितौनी-शूल टंकेश्वर रोड सहित प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का उद्घाटन किया । इसके अलावा, वे हरदत्तपुर में एक रेलवे ओवरब्रिज का भी उद्घाटन किया , जिससे मोहन सराय-अदलपुरा मार्ग पर भीड़भाड़ कम होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी दालमंडी, लहरतारा-कोटवा, गंगापुर और बाबतपुर में सड़क सुधार सहित कई नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी ।
स्थानीय परिवहन सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए लेवल क्रॉसिंग 22सी और खालिसपुर यार्ड में नए रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाने की योजना है।
शहर की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए, पीएम मोदी 880 करोड़ रुपए से अधिक की बिजली परियोजनाओं की शुरुआत की गयी। इनमें स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट और ओवरहेड विद्युत केबलों को भूमिगत करना शामिल है, जिनका उद्देश्य शहर की बिजली आपूर्ति को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है।
पर्यटन को बढ़ावा देने और शहर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए, प्रधानमंत्री मोदी आठ कच्चे घाटों के पुनर्विकास, शिवपुर में रंगीलदास कुटिया के तालाब और घाट के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक दुर्गाकुंड के जीर्णोद्धार का उद्घाटन किया ।
इसके अलावा, कार्डमेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली करखियांव के विकास, और लमही में मुंशी प्रेमचंद के पैतृक घर को संग्रहालय में बदलने के लिए आधारशिला रखी गयी ।