लखनऊ, 10 सितम्बर 2025: पसमांदा मुस्लिम समाज के कार्यालय लालबाग, लखनऊ में आज विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारत-पाक युद्ध 1965 के महान शहीद, परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद (इदरीसी) की यौमे शहादत (पुण्यतिथि) पर ईसाल-ए-सवाब का आयोजन कर उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत तकरीर-ए-फातेहा से हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने उनके लिए दुरूद-ए-पाक और कुरआन की तिलावत के माध्यम से फातेहा पढ़ी। उसके बाद खिराज-ए-अकीदत अर्पित किया गया, जिसमें वीर अब्दुल हमीद के अदम्य बलिदान को याद करते हुए सभी और उनके कुरबानी को सराहा।
पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मंत्री श्री अनीस मंसूरी ने कहा, ”आज, 10 सितंबर को हम भारत माता के वीर सपूत, परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद को याद कर उनके बलिदान करते हैं। शहीद अब्दुल हमीद ने एक सच्चा मुसलमान और निस्वार्थ सैनिक का रोल अदा करते हुए अपने प्राणों की आहुती दी। उन्होंने ‘ला इलाहा इलल्लाह, मुहम्मदुर रसूलुल्लाह’ की बात कहते हुए देश की रक्षा की और शहीद हुए। यह हगार फर्ज बनता है कि हम उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।

अनीस मंसूरी ने आगे कहा, ”इस्लाम शहादी को सबसे बड़ा दर्जा देता है। शहीद का स्थान सीधा जन्नत में बताया गया है। इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार, शहीद की आत्मा को अल्लाह ताला की रहमत से नवाजा जाता है। हम दुआ करते हैं कि अल्लाह ताला उनकी बलिदान को कबुल करे और उनके जन्नत में उच्च स्थान अता करे।” कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, धर्मप्रेमी, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं मौजूद रहीं। सभी ने मिलकर फातेहा पढ़ी, रलावत भेजा और अब्दुल हमीद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि शहादत केवल युद्ध भूमि में नहीं, बल्कि हर वह कार्य है जो ईमान और इन्सानियत के लिए किया जाए। समाज को जागरूक करने का यह प्रयास रहा कि देश की सेवा, ईमानदारी और त्याग के रास्ते पर चलना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।
अंत में अनीस मंसूरी ने शहीद अब्दुल हमीद की आत्मा की शांति और उनके परिवार के लिए ईश्वर से दुआ की, साथ ही समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर देश सेवा और इन्सानियत की राह पर चलने का आह्वान किया।
इस मौके पर अबू बक्र इदरीसी ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग कि वीर अब्दुल हमीद के नाम से सैन्य महाविद्यालय खोला जाए।
इस मौके पर मोहम्मद असलम एडवोकेट, मौलाना इलियास मंसूरी, तंजील रिजीकी मोहम्मद कलीम गड नरेन्द्र सिंह यादव राम प्रकाश मौर्य.
