नई दिल्ली : पाकिस्तान के अच्छे दिन कब आएंगे ये तो नहीं पता लेकिन देश की अर्थव्यवस्था और राजनीतिक अस्थिरता की हालत यहां दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं. पाक में इन दिनों एक नया मामला सामने आया है. मामला पाकिस्तान सेना से जुड़ा है. दरअसल, जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान के मामले पर वहां की सेना दो फाड़ हो गए है. इमरान खान की लोकप्रियता और बीते दिनों इस्लामाबाद में उनकी पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए सेना बैकफुट पर है. इस बीच इमरान खान के साथ जेल में चली तीन दौर की वार्ता विफल हो गई है.
इस बातचीत के फेल होने पर पाकिस्तानी सेना के मुखिया जनरल असीम मुनीर बेहद नाराज हैं. इस बैठक के दौरान उन्हें इस बात के संकेत मिले कि फौज की बातें जेल में बंद इमरान खान तक पहुंचती हैं. ऐसे में उन्होंने इस्लामाबाद कांड में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए करीब 200 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी प्रक्रिया पर अपनी मुहर लगा दी है.
अधिकारियों की होगी बर्खास्तगी
पाकिस्तान सेना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इनमें 23 अधिकारियों को सुपरविजन में फेल होने के कारण, 67 को इस्लामाबाद कांड में की गई गलती के कारण और 100 कर्मचारियों को बिना किसी गलती के सेवानिवृत्ति कर दिया जाएगा. पहली बार है जब पंजाब रेंजर्स के सहायक सैन्य अधिकारियों की भी बड़ी संख्या में बर्खास्तगी की जा रही है. इनमें से ज्यादातर सैन्यकर्मियों को सेना के एजी ब्रांच द्वारा नोटिस दिए जा चुके हैं.
पाकिस्तानी फौजी जनरल ने सेना के एजी अजहर वकास और डीजी पीएसएंडपीएम को उन अधिकारियों और रैंकों की बर्खास्तगी और जबरी सेवानिवृत्ति के लिए मामले तैयार करने को कहा है जो निहत्थे नागरिकों के खिलाफ जानलेवा ऑपरेशन करने के लिए अनिच्छुक थे. इनमें से अनेक लोगों को नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं और जल्दी सभी को सेवा से बाहर कर दिया जाएगा.