नई दिल्ली : गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बुधवार को संविधान संशोधन विधेयक समेत तीन बिल पेश किए. तीनों विधेयक पेश करते ही विपक्ष के सांसदों ने ‘संविधान को मत तोड़ो’ के नारे लगाए. कांग्रेस के एक सांसद के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि मुझ पर झूठे आरोप लगाए थे, मेरे अरेस्ट के बाद मैंने इस्तीफा दिया था. जब तक मैं अदालत से बरी नहीं हो गया मैंने अपना पद दोबारा नहीं संभाला. इस विधेयक के मुताबिक, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित किसी मंत्री के किसी अपराध में शामिल होने पर 30 दिन के भीतर पद छोड़ने का प्रावधान किया गया है.
विपक्ष के हंगामे के बीच कुछ सांसदों ने अमित शाह पर कागज भी उछाले और किरण रिजिजू को धक्का देने का भी आरोप है. ओवैसी ने इस बिल का विरोध किया और विपक्ष के सांसदों ने जमकर नारेबाजी की. विपक्ष के भारी हंगामा के बीच लोकसभा की कार्रवाई 3:00 बजे तक स्थगित हो गई है. गृहमंत्री अमित शाह ने भ्रष्टाचार से संबंधित तीन बिलों को लोकसभा में जब पेश किया.
किसने शाह से इस्तीफे का सवाल?
विपक्ष के भारी विरोध के बीच कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने शाह से पूछा कि क्या उन्होंने गुजरात के गृहमंत्री रहते हुए नैतिकता आधार पर इस्तीफा दिया था. केरल के अलाप्पुझा से लोकसभा सांसद ने कहा कि बीजेपी के लोग कह रहे हैं कि यह राजनीति में नैतिकता लाने के लिए है. मैं गृहमंत्री से पूछ सकता हूं कि जब वह गुजरात के गृहमंत्री थे उन्हें गिरफ्तार किया गया था, क्या उन्होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया था?
शाह ने दिया क्या जवाब?
शाह ने वेणुगोपाल के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने नैतिक आधार पर गुजरात के गृहमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और अदालतों द्वारा सभी आरोपों से मुक्त होने तक कोई संवैधानिक पद नहीं लिया था. उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे.
किस-किस सांसदों ने किया विधेयक का विरोध
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में प्रस्ताव किया कि प्रधानमंत्री, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराध के आरोपों में पद से हटाने के प्रावधान वाले ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद की संयुक्त समिति को भेजा जाए. अमित शाह के विधेयक पेश करने के बाद जिन सांसदों ने इसका सबसे ज्यादा विरोध किया उनमें असदुद्दीन ओवैसी, मनीष तिवारी, एनके प्रेमचंद्रन, धर्मेंद्र यादव और केसी वेणुगोपाल शामिल रहे. उन्होंने कहा कि यह बिल ‘संविधान विरोधी’ है. तीन विधेयकों को आगे की चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया है.
कौन-कौन से विधेयक पेश किए गए
अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए. इसमें सरकार के संघ राज्य क्षेत्र (संशोधन) विधेयक 2025, संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 को लोकसभा में पेश किया गया. इसमें से एक विधेयक में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिनों के लिए गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने पर हटाने का प्रावधान करते हैं.