मीडिया का दावा, पाकिस्तान के ईरान पर हमले की पहले से थी जानकरी!

विदेश

नई दिल्ली : पाकिस्तान के हमले के बारे में ईरान को पहले से ही जानकारी थी, कि हम पर हमला होने वाला है. ये दावा ईरान की मीडिया ने किया है. जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना को ईरान द्वारा 16 जनवरी के मिसाइल हमले के बारे में पहले ही बता दिया गया था. तेहरान ने कहा कि इस्लामाबाद को यह नहीं बताया था कि वह इसे सार्वजनिक करेगा.

रिपोर्ट में हुआ खुलासा
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के करीबी माने जाने वाले एक टेलीग्राम चैनल ने 18 जनवरी को लिखा, “पाकिस्तान में इस सप्ताह आतंकवादी ठिकानों पर किए हमले के लिए पाकिस्तानी सरकार के साथ कॉर्डिनेशन की आवश्यकता थी. पाकिस्तान द्वारा आज किया गया हमला भी उस समझौते के अनुरूप है जो आकार ले चुका है और सीमा पर आतंकवाद से निपटने तथा सीमा पर स्थायी सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में दोनों देशों के दृढ़ संकल्प का परिणाम है.”

एक- दूसरे को थी जानकारी!
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ ईरानी पत्रकारों ने सुझाव दिया है कि अफगानिस्तान में ईरानी राष्ट्रपति के दूत हसन काज़ेमी-कोमी की पाकिस्तान की हालिया यात्रा का मकसद इस्लामाबाद को आसन्न ईरानी हमले के बारे में पहले से सूचित करना हो सकता है. हालांकि इस तरह की रिपोर्ट्स को व्यक्तिगत रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है.

दोनों देशों द्वारा किए गए हमलों की प्रवृत्ति ‘जैसे को तैसा’ जैसी रही है जो हाल के वर्षों में सीमा पार से होने वाली सबसे बड़ी स्ट्राइक है. 7 अक्टूबर को इजराइल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता बढ़ गई है. हालांकि, ईरान और पाकिस्तान के रिश्तों का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है.

दोनों ने एक- दूसरे पर किया था हमला
ईरान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने भी पलटवार किया था. पाकिस्तान ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान में एयरस्ट्राइक में कई आतंकवादी ठिकाने तबाह हो गए हैं. इसके अलावा मिसाइल और ड्रोन अटैक में 9 ‘आतंकी’ भी मारे गए हैं.

इससे पहले ईरान ने बलूचिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी. ईरान की एयरस्ट्राइक में दो बच्चों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए थे. पाकिस्तान ने ‘अपने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन’ की कड़ी निंदा करते हुए ईरान के प्रभारी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब किया था. पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान का यह कृत्य उसके ‘हवाई क्षेत्र का अकारण उल्लंघन’ है.

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