रूस और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर अमेरिका समेत नाटो के कई देश चितिंत

विदेश

रूस और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर अमेरिका समेत नाटो (NATO) के कई देश चितिंत है। इसी बीच जानकारी सामने आई कि रूस और चीन के बीच में कोई भी सैन्य गठबंधन स्थापित नहीं हो रहा है।

समाचार एजेंसियों ने रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर के एक इंटरव्यू के हवाले बताया कि रूस और चीन सैन्य गठबंधन नहीं बना रहे हैं और सैन्य सहयोग के संदर्भ में कुछ भी नहीं छिपाया जा रहा है।

हाल ही में व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने क्रेमलिन में मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने एक दूसरे को प्रिय मित्र के रूप में बधाई दी और यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए चीन के प्रस्तावों पर चर्चा की थी।

चीन के साथ रूस को कोई सैन्य गठबंधन नहीं

इंटरफैक्स ने पुतिन के हवाले से बताया कि हम चीन के साथ कोई सैन्य गठबंधन नहीं बना रहे हैं। हां, सैन्य-तकनीकी बातचीत के क्षेत्र में हमारा सहयोग है। हम इसे छिपा नहीं रहे हैं। सब कुछ पारदर्शी है, कुछ भी गुप्त नहीं है।

उन्होंने आगे बताया कि पश्चिमी शक्तियां और अधिक वैश्विक गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिका और नाटो पर जर्मनी, इटली और जापान के साथ कुछ समानता रखने वाली एक नई धुरी की शुरुआत का आरोप लगाया।

‘रूस के साथ चीन की नजदीकियां अमेरिका को नहीं आ रही रास

उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पुतिन और चिनफिंग की मुलाकात की बढ़ती नजदीकियों को लेकर चिंता जताई थी। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि रूस के लिए चीन का राजनीतिक और भौतिक समर्थन वाशिंगटन के हितों के खिलाफ है। हालांकि, वाशिंगटन को अभी तक इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि बीजिंग संघर्ष के लिए मास्को की मदद कर रहा है।

रूस और यूक्रेन के बीच में 13 महीने से भी ज्यादा समय से युद्ध जारी है। इस दौरान दोनों देश सैन्य बढ़त हासिल करने के उद्देश्य से अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ वार-पलटवार कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *