नई दिल्ली : जापान के शीर्ष व्यापार वार्ताकार ने आखिरी मिनट में अमेरिका का दौरा रद्द कर दिया है. प्रशासनिक दिक्कतों की वजह से हो रही देरी के बाद यह फैसला लिया गया है. इस तरह चीन के बाद अब जापान ने भी अमेरिका को बड़ा झटका दे दिया है.
जापान के शीर्ष व्यापार वार्ताकार रयोसेई अकाजावा की यह यात्रा 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज को अंतिम रूप देने के लिए थी, जिसे टोक्यो ने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ में राहत के बदले में पेश किया था.
बता दें कि जापान और अमेरिका के बीच जुलाई में टैरिफ डील पर व्यापक सहमति बनी थी. लेकिन निवेश समझौते के ब्योरे को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत कई देशों पर आयात टैरिफ बढ़ाए हैं, जिसमें जापान भी शामिल है. जापान पर शुरू में 25 फीसदी का सामान्य टैरिफ लगाया गया था, जो विशेष रूप से ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है.
जुलाई 2025 में जापान और अमेरिका ने एक व्यापार समझौते पर सहमति जताई, जिसमें जापान से आयात पर टैरिफ को 25 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी करने का वादा किया गया. इसके बदले में जापान ने अमेरिका में 550 अरब डॉलर का निवेश पैकेज देने का प्रस्ताव रखा.
यह निवेश पैकेज अमेरिका के लिए आर्थिक सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों जैसे सेमीकंडक्टर, दुर्लभ पृथ्वी खनिज और दवाइयों में निवेश के लिए है. हालांकि, जापानी अधिकारियों ने जोर दिया कि निवेश तभी किया जाएगा, जब वह जापान के हितों को भी लाभ पहुंचाए. इस बिंदु पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद हैं, क्योंकि जापान चाहता है कि निवेश से दोनों देशों को समान लाभ हो.
जापान के सरकारी प्रवक्ता योशिमासा हायाशी ने कहा कि अमेरिका के साथ समन्वय के दौरान कुछ बिंदुओं पर प्रशासनिक स्तर पर चर्चा की आवश्यकता है, जिसके कारण रयोसेई अकाजावा की यात्रा रद्द की गई.
जापान ने मांग की है कि अमेरिका एक संशोधित कार्यकारी आदेश जारी करे, जिससे जापानी सामानों पर पहले से मौजूद टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 15 फीसदी टैरिफ न लगे.