लखनऊ। लक्ष्मणपुर अवध महोत्सव 2025 के मंच पर 28 नवंबर की शाम सदाबहार संगीत की मधुर लहरें गूंज उठीं, जब सुप्रसिद्ध गायिका ऐमन जावेद फारूकी एंड ग्रुप ने मंच संभाला। कार्यक्रम की शुरुआत ऐमन जावेद फारूकी ने ऐ मेरे वतन के लोगों से देश को नमन करते हुए की । अरे दीवानों मुझे पहचानो, गुलाबी आंखे तेरी जो देखी साजिद अब्बासी जी ने इन गीतों से लोगो को झूमने पे मजबूर कर दिया एक से बढ़कर एक नगमों की बहार में अवध की शाम सुरों में घुलने लगी सुरों के जादू से शाम में चार चांद लगा दिए हो जैसे..
आकाशवाणी गायिका स्नेहिल श्रीवास्तव फेरो न नज़र से नज़रिया, कौन दिसा में लेके चला रे ,झुकी झुकी सी नज़र । सलीम अब्बासी जी ने अपने नए अंदाज से मंत्र मुग्ध कर दिया चमकते चांद को टूटा हुआ किसी नज़र को तेरा इंतज़ार। नीतू श्रीवास्तव ये समा समा है प्यार , अब तो तुमसे हर खुशी अपनी से सुरों का जादू बिखेरा वही भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से निहाल मिश्रा पधारे कल हो न हो, मैं अगर कहूं, आज कल याद कुछ रहता नहीं जैसे दिल को छू लेने वाले गीत । सुप्रसिद्ध गायिका ऐमन जावेद फारूकी निगाहे मिलाने को जी चाहता है , दम मारो दम ,”सत्यम शिवम सुंदरम ” से लक्ष्मणपुर अवध महोत्सव की शाम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा ऐमन जावेद फारूकी द्वारा गाया हुआ गीत “ए मेरे वतन के लोगों” की अद्भुत प्रस्तुति, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। शशि चतुर्वेदी एवं पूजा चतुर्वेदी के गीतों ने भी खूब तालियां बटोरी कार्यक्रम का संचालन अथर्व तिवारी ने किया। प्रगति इवेंट के अध्यक्ष विनोद सिंह ने एस जे क्रिएशन की डायरेक्टर समाज सेविका सहर जावेद फारूकी और सभी आमंत्रित कलाकारों का सम्मान करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की उपाध्यक्ष एन बी सिंह सभी कलाकारों को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया चौपाल चर्चा की संपादक रिंकी सिंह विशेष रूप से महोत्सव में उपस्थित रहे मीडिया से प्रेमचंद श्रीवास्तव
