इस्लामाबाद : पाकिस्तान की जनता लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान है. यहां जरूरी सामानों की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है. पाकिस्तान में एक टमाटर की कीमत 600 रुपये तक जा पहुंची है. कीमतों में 400% से अधिक के इस इजाफे ने लोगों को हलकान कर दिया है. इस मुद्दे पर संसद में भी खूब हंगामा मचा है, और अब ‘टमाटर लोन’ की मांग उठने लगी है. इसके साथ भारत से सस्ते आयात की यादें भी ताजा हो गईं.
इस वीडियो में पाकिस्तान के एक सांसद महंगे टमाटरों का मुद्दा उठाते हुए कहते दिख रहे हैं, ‘ये एक टमाटर मैं बड़ी मुश्किल से यहां लेकर आया हूं. हमारे एमपी फरूख साहब की मेहरबानी है कि बड़ी मुश्किल से ये एक टमाटर दिलवाया है. 75 रुपये का ये टमाटर है.’
टमाटर की कीमतों में क्यों लगी आग?
अफगानिस्तान के साथ 11 अक्टूबर से शुरू हुई भारी झड़पों और पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद दोनों देशों के बीच सीमा बंद कर दी गई है. इससे दोनों के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा पर व्यापार ठप हो गया है और जरूरी सामानों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक पाक-अफगान चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख खान जान अलोकोजाय बताते हैं, ‘प्रत्येक दिन दोनों देशों को लगभग 1 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है.’ सालाना 23 अरब डॉलर के व्यापार में ताजे फल, सब्जियां, खनिज, दवाइयां, गेहूं, चावल, चीनी, मांस, और डेयरी उत्पाद शामिल हैं, जो अब पूरी तरह रुक गए हैं.
इस कारण से पाकिस्तान में टमाटर की कीमत 600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में लहसुन की कीमत 400 रुपये किलो, अदरक 750 रुपये, प्याज 120 रुपये, मटर 500 रुपये, शिमला मिर्च और भिंडी 300 रुपये, खीरा 150 रुपये, स्थानीय गाजर 200 रुपये, और नींबू 300 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. पहले मुफ्त में मिलने वाला धनिया अब 50 रुपये का छोटा गट्ठर बेचा जा रहा है.
सीमा पर संकट
‘हमारे पास रोजाना 500 कंटेनर सब्जियों के लिए निर्यात के लिए तैयार थे, लेकिन अब सभी खराब हो गए हैं.’ तुर्कहम सीमा पर एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि दोनों तरफ 5,000 कंटेनर फंसे हैं, जिससे टमाटर, सेब, और अंगूर की कमी बाजार में बढ़ गई है.
संसद में हंगामा और भारत की याद
पाकिस्तानी संसद में इस संकट पर जोरदार हंगामा हुआ, जहां विपक्ष ने सरकार पर असफलता का आरोप लगाया. कुछ सांसदों ने भारत से सस्ते आयात की पुरानी व्यवस्था को याद करते हुए ‘टमाटर लोन’ की मांग उठाई, जो मजाक के रूप में शुरू हुआ लेकिन जनता की पीड़ा को दर्शाता है. इंस्टाग्राम वीडियो में भी लोग कहते नजर आ रहे हैं, ‘भारत से टमाटर आते थे, अब कहां गए?’
पाकिस्तान में ‘टमाटर लोन’ की मांग और संसद में हंगामा इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है. सीमा बंदी से हुए नुकसान ने भारत की सस्ती आपूर्ति की याद दिलाई है. क्या यह स्थिति जल्द सुधरेगी, या जनता की मुश्किलें और बढ़ेंगी, यह आने वाला समय बताएगा.
