राजगीर : एशिया कप हॉकी का इंतजार खत्म होने को है. यह टूर्नामेंट शुक्रवार से बिहार के राजगीर में खेला जाएगा. मेजबान भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत चीन के साथ मुकाबले से करेगी. यह मुकाबला दोपहर 3 बजे से खेला जाएगा. भारतीय टीम के पिछले कुछ मुकाबले अच्छे नहीं रहे हैं. ऐसे में टीम को हालिया पुराना वक्त भुलाकर नई शुरुआत करनी होगी. एशिया कप जीतने वाली टीम अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर जाएगी. इस कारण यह टूर्नामेंट बेहद अहम है. एशिया कप के पहले दिन ही मलेशिया और बांग्लादेश का मैच भी होगा. इसी दिन दक्षिण कोरिया की टीम ताइवान और जापान की टीम और कजाखस्तान से भिड़ेगी.
तीन बार की चैंपियन भारत और चीन को पूल ए में जापान और कजाखस्तान के साथ रखा गया है_ पूल बी में पांच बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और ताइवन हैं. कजाखस्तान की टीम तीन दशक में पहली बार एशिया कप खेल रही है जिसने ओमान की जगह ली है. पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश खेल रहा है. पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा कारणों से नाम वापस ले लिया था. हर पूल की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी. टूर्नामेंट का फाइनल सात सितंबर को होगा.
बेल्जियम-नीदरलैंड में होगा विश्व कप
यह टूर्नामेंट अगले साल 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने का मौका है. भारत ने पहला मौका गंवा दिया जब वह यूरोपीय चरण में खराब प्रदर्शन के बाद वह एफआईएच प्रो लीग में सातवें स्थान पर खिसक गया. भारत ने आठ में से सिर्फ एक मैच जीता और सात मैच लगातार हारे जिससे कोच क्रेग फुल्टोन को एशिया कप में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम उतारनी पड़ी है. फुल्टोन ने स्वीकार किया कि एशिया कप इस साल का सबसे अहम टूर्नामेंट है.
भारत को मिली पहली रैंकिंग
भारत को इस टूर्नामेंट में पहली रैंकिंग मिली है. चीन की विश्व रैंकिंग 23वीं है लेकिन उसे हलके में नहीं लिया जा सकता. चीन की टीम काउंटर अटैक में माहिर है. भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करके आलोचकों का मुंह बंद करना चाहेगी. इसके लिए कोच फुल्टोन को डिफेंस पर फोकस वाली अपनी रणनीति बदलनी होगी जो प्रो लीग में नाकाम रही. भारत ने आठ मैचों में 26 गोल गंवाए और कई बार डिफेंडरों की गलती से हारा. इस टूर्नामेंट में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम डिफेंस में कोई कोताही नहीं बरत सकती.
भारतीय गोलकीपर रहेंगे दबाव में
भारत की चिंता का सबब पेनल्टी कॉर्नर भी है जिसमें हरमनप्रीत सिंह पर अधिकांश दारोमदार रहता है. उनकी गैर मौजूदगी में अमित रोहिदास, जुगराज सिंह और संजय अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके हैं. प्रो लीग के यूरोप चरण में गोलकीपिंग भी चिंताजनक रही. पीआर श्रीजेश के संन्यास के बाद कृष्ण बहादुर पाठक और सूरज करकेरा दबाव में दिखे हैं. पाठक हवा में आती गेंद पर काबू नहीं कर पाए हैं और करकेरा दबाव झेलने में नाकाम रहे हैं.
भारतीय टीम: सूरज करकेरा, कृष्ण बी पाठक ( दोनों गोलकीपर), हरमनप्रीत सिंह (कप्तान) , अमित रोहिदास , जरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय और जुगराज सिंह ( सभी डिफेंडर), मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर, राज कुमार पाल और हार्दिक सिंह (सभी मिडफील्डर), मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह (सभी फॉरवर्ड).
चीन की टीम: चेन चोंगकोंग (कप्तान), ओ शू, चेन किजुन, गाओ जीशेंग, चेन चेंगफू, मेंग युआनफेंग, ली पेंगफेइ, लू युआंलिन, मेंग दिलहाओ, शू जीबिन, दू शिंहाओ, झांग शियाओजिया, ओ शुझू, मेंग नान, लिन चांगलियांग, गुओ शियाओलोंग, वांग वेइहाओ, वांग केइयू, ओ यांग, चेन बेनहाइ.