समर्थ उप्र – विकसित उप्र @2047 अभियान का जनपद में उद्घाटन समारोह एवं छात्र-शिक्षक संवाद का आयोजन

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ शहर

लखनऊ, 10 सितम्बर 2025 समर्थ उप्र – विकसित उप्र @2047 अभियान का आज डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय परिसर में उद्घाटन समारोह एवं छात्र-शिक्षक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश श्री अनूप चंद्र पांडे, अध्यक्ष अधीनस्थ सेवा चयन आयोग डॉ. एस.एन. साबत, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास श्री आलोक कुमार, ए.के.टी.यू. के कुलपति प्रो. जे.पी. पाण्डेय, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिल्लाखंड विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री अनिल कुमार शुक्ला तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनय प्रकाश श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत व परिचय से हुआ। तत्पश्चात उत्तर प्रदेश एवं जनपद लखनऊ की विगत 8 वर्षों की प्रगति तथा “विकसित उत्तर प्रदेश अभियान @2047” का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया।

 

सर्वप्रथम जिलाधिकारी श्री विशाख जी0 ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाए जाने के सम्बन्ध में विजन डॉक्यूमेंट्स तैयार किया जाना हैं, जिसके के लिए नागरिकों का सुझाव एवं सहभागिता हेतु समर्थ उप्र – विकसित उप्र @2047 अभियान का आयोजन किया जा रहा है।

 

विनय प्रकाश श्रीवास्तव (कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान आयुक्त, उ.प्र.) ने उद्घाटन संबोधन में राज्य की कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद प्रोफेसर अनिल शुक्ला ने “विकसित उत्तर प्रदेश @2047 में उच्च शिक्षा की भूमिका” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। वीसी AKTU प्रोफेसर जेपी पांडेय ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण और नवाचार की दिशा में अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।

 

कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन तथा “विकसित भारत @2047 एवं 8 साल की प्रगति” विषय पर पुस्तक का विमोचन भी किया गया। श्री आलोक कुमार (आईएएस) अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने छात्रों को विकसित भारत के लक्ष्य में सहभागिता हेतु प्रेरित किया। श्री एस एन साबत (सेवानिवृत आईपीएस अध्यक्ष UPSSSC) ने “तकनीक और विकास” विषय पर विचार साझा किए। साथ ही श्री अनूप चंद्र पांडेय (सेवानिवृत आईएएस/पूर्व मुख्य सचिव उ प्र) ने शिक्षा और विकासात्मक लक्ष्यों के मध्य सामंजस्य स्थापित करने पर बल दिया और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।इसके पश्चात शिक्षाविदों एवं छात्रों ने फीडबैक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को अपने विचार और संकल्प को साझा करने के लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है जिसको स्कैन करके कोई भी व्यक्ति अपना फीडबैक/सुझाव दे सकता है।

 

कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन तथा “विकसित भारत @2047 एवं 8 साल की प्रगति” विषय पर पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच संवाद स्थापित कर “विकसित भारत @2047” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने एवं अधिक से अधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

 

आज के कार्यक्रम के दूसरे चरण में विकसित भारत @ 2047 को ध्यान में रखते हुए उद्योग को बढ़ावा देने के संबंध में उद्यमियों और प्रबुद्ध जनों के मध्य संवाद विषयक गोष्ठी का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मेरकुरी हाल में किया गया। उद्यमी व्यवसायी संवाद कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम प्रोफेसर विनय कुमार श्रीवास्तव ने कृषि आधारित उद्योग के महत्व, व्यापकता, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन तथा किसानों की आय दोगुनी किये जाने सम्बन्धी संभावनाओं एवं रणनीति के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त किए। इसी क्रम में डॉक्टर अनिल शुक्ला ने अर्थव्यवस्था एवं देश मे समावेशी विकास में उद्योगों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज वैश्वीकरण के कारण विदेशों से विविध उद्योग भारत में आ चुके हैं किंतु हमारी अर्थव्यवस्था को उपभोक्ता आधारित अर्थव्यवस्था के स्थान पर उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

 

कार्यक्रम में औद्योगिक ईकाईयों तथा संगठनों की ओर से सरकार द्वारा कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण तथा औद्योगिक क्षेत्र मे किये गये विभिन्न सकारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य मे औद्योगिक क्षेत्र में अधिक वृद्धिदर प्राप्त किये जाने हेतु कतिपय सुझाव दिये गये। औद्योगिक संगठन आई0आई0ए0 तथा लघु उद्योग भारती द्वारा एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र की ईकाईयों हेतु विभिन्न अनापत्तियोंध्सहमतियों को प्राप्त किये जाने हेतु पेपर वर्क कम करते हुए प्रक्रिया के सरलीकरण किये जाने पर बल दिया गया तथा कुटीर उद्योगो एवं सूक्ष्म ईकाईयों हेतु पृथक रूप से अधिक समर्थन की मांग की गयी।

 

संवाद को आगे बढ़ाते हुए अपर मुख्य सचिव श्री आलोक कुमार ने वार्षिक सर्वे के रिपोर्ट के आधार पर यह बताया कि प्रदेश में कुल 67% क्रय Gem के माध्यम से किए गए हैं जिसमे 80% क्रय सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग, विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आई पी एस श्री एस एन साबत ने भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संबंध में अपना पक्ष रखा तथा उनके द्वारा यह कहा गया कि भारत को 16-17% विकास दर प्राप्त करने के लिए लगभग 20-25% की दर से औद्योगिक विकास की ज़रूरत है। कार्यक्रम में पधारे अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस श्री अनूप चंद्र पांडेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि बढ़ती जनसंख्या दर को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों में व्यापक फोकस की आवश्यकता है तथा ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें उद्योगों के लिए तैयार करना पड़ेगा। भारत को तेज़ी से विकास करने के लिए उत्तर प्रदेश का विकास अनिवार्य है।

 

कार्यक्रम के समापन में जिलाधिकारी लखनऊ श्री विशाख जी0 ने उपस्थित प्रबुद्धजनों, प्रतिभागियों का आभार प्रकट करते हुए जनपद के उद्यमियों तथा उद्यमी संगठनों से प्राप्त सुझावों हेतु उद्योग बंधु बैठक में भी

विस्तृत चर्चा आयोजित करने के सुझाव दिए गए।

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